हाथरस 19 जुलाई। श्रीकृष्ण गौशाला, गौशाला रोड स्थित गौमाता, श्री गिरिराज भगवान एवं प्रातःस्मरणीय परम पूज्य पंडित श्री गया प्रसाद जी महाराज की पावन तपोभूमि में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ के द्वितीय दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। परम पूज्य आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने परीक्षित-शुकदेव संवाद, भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को दिए गए सांख्य योग के उपदेश, ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना, भीष्म स्तुति, सती चरित्र, माता पार्वती की कठोर तपस्या तथा भगवान शिव-पार्वती विवाह का भावपूर्ण एवं रसपूर्ण वर्णन किया। कथाव्यास ने कहा कि राजा परीक्षित और श्री शुकदेव जी का संवाद प्रत्येक मानव के लिए आदर्श है। उन्होंने कहा कि जीवन का अंतिम समय भगवान के नाम, कथा और भक्ति में समर्पित करना ही मानव जीवन की सार्थकता है। श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को मोह, भय और जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति का मार्ग दिखाती है।
आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने भगवान कपिलदेव द्वारा माता देवहूति को दिए गए सांख्य योग का वर्णन करते हुए कहा कि जब मनुष्य अपने वास्तविक स्वरूप को पहचानकर निष्काम भाव से भगवान की भक्ति करता है, तभी उसे संसार के दुखों से मुक्ति प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भक्ति के बिना ज्ञान और वैराग्य अधूरे हैं। कथा के दौरान ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि की रचना का भी विस्तार से वर्णन किया गया। उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण सृष्टि भगवान की दिव्य शक्ति से संचालित होती है और प्रत्येक जीव का परम उद्देश्य ईश्वर की भक्ति प्राप्त करना है। इसके उपरांत सती चरित्र, माता पार्वती की कठोर तपस्या एवं भगवान शिव-पार्वती विवाह की कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया गया। आचार्य श्री ने कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह त्याग, तपस्या, श्रद्धा, समर्पण और सनातन संस्कृति के आदर्शों का प्रतीक है। माता पार्वती की अटूट तपस्या दृढ़ संकल्प और अखंड भक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है।
कथा के बीच भगवान शिव-पार्वती विवाह की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। झांकी के दर्शन के दौरान पूरा कथा पंडाल “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोषों से गुंजायमान हो उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा और झांकी का भक्तिभाव से आनंद लिया। आचार्य श्री वल्लभ जी महाराज ने कहा कि भगवान शिव स्वयं वैष्णवों में श्रेष्ठ हैं और श्रीमद्भागवत कथा के महान रसिक हैं। उन्होंने कहा कि भगवान शिव एवं माता पार्वती की कृपा तथा श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन में सुख, शांति, सद्बुद्धि और भगवान श्रीकृष्ण की निष्काम भक्ति का संचार करता है। इस अवसर पर श्री गोविंद बल्लभ, श्री श्याम सुंदर शर्मा (बंटी भैया), श्री पंकज खंडेलवाल, योगा पंडित जी (ब्राह्मण महासभा अध्यक्ष), प्रशांत बौहरे (पूर्व अध्यक्ष), संजय शर्मा (पूर्व अध्यक्ष), रामकुमार शर्मा, सचिन अग्रवाल, कमलेश बंसल, हेमकांत शर्मा, किशन मामाजी, राजेंद्र नाथ चतुर्वेदी, रिंकू लाला, श्री अजय अग्रवाल, श्री अनूप अग्रवाल, रामअवतार जी अग्रवाल, अशोक आंधीवाल, सीमा अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, रेनू अग्रवाल, मीनाक्षी शर्मा, राशि संगीता, सुनन्या, रश्मि जैन, विनीत दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।








