
हाथरस 04 जुलाई । उपायुक्त उद्योग रामेन्द्र कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक पात्र अभ्यर्थी 20 जुलाई, 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि योजना का उद्देश्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय दस्तकारों और पारंपरिक कारीगरों के कौशल का विकास कर उनकी आजीविका को सुदृढ़ बनाना तथा जीवन स्तर में सुधार लाना है। योजना के तहत लोहार, नाई, राजमिस्त्री, बढ़ई, दर्जी, हलवाई, धोबी, कुम्हार, मोची सहित अन्य पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। योजना के लिए आवेदक का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना तथा आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होना अनिवार्य है। आवेदक पारंपरिक कारीगरी से जुड़ा होना चाहिए। एक परिवार से केवल एक सदस्य ही आवेदन कर सकता है। योजना का लाभ लेने के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि जो आवेदक पारंपरिक कारीगर जाति से संबंधित नहीं हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं। ऐसे आवेदकों को संबंधित ग्राम प्रधान, नगर पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिका अथवा नगर निगम के संबंधित वार्ड सदस्य द्वारा जारी कारीगरी संबंधी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। साथ ही आवेदक ने पूर्व में ओडीओपी प्रशिक्षण एवं टूलकिट योजना अथवा विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त नहीं किया होना चाहिए। योजना के अंतर्गत चयनित लाभार्थियों को 10 दिवसीय निःशुल्क प्रशिक्षण, नियमानुसार मानदेय तथा टूलकिट भी उपलब्ध कराई जाएगी। ऑनलाइन आवेदन विभागीय वेबसाइट पर किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्य दिवस में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, रावत कॉलोनी, हाथरस स्थित उपायुक्त उद्योग कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

























