Hamara Hathras

Latest News

सादाबाद 18 मई । बिसावर गांव में स्थित 76 वर्ष पुराने आयुर्वेदिक अस्पताल को एक बार फिर से जीवनदान मिलने की उम्मीद जगी है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह अस्पताल जर्जर भवन, टूटी दीवारों और परिसर में लगे कूड़े के ढेर के कारण बदहाल स्थिति में पहुंच चुका है। अब ग्रामीणों के लगातार संघर्ष और जन आंदोलन के बाद अस्पताल के पुनर्निर्माण और स्वास्थ्य सेवाओं के पुनः संचालन की दिशा में सकारात्मक पहल शुरू हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, यह आयुर्वेदिक अस्पताल कभी क्षेत्र की प्रमुख स्वास्थ्य सेवा का केंद्र हुआ करता था, जहां आसपास के गांवों के लोगों को उपचार की सुविधा मिलती थी। लेकिन लंबे समय से देखरेख के अभाव में अस्पताल का भवन खंडहर में तब्दील हो गया और परिसर कूड़ाघर बन गया। स्थानीय लोग लगातार अस्पताल के पुनर्निर्माण और यहां नियमित चिकित्सकीय सेवाएं शुरू करने की मांग कर रहे थे। आज व्यापारियों, लघु उद्यमियों, किसानों और ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधायक प्रदीप चौधरी से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और अस्पताल की बदहाल स्थिति से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक ने तत्काल जिलाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की। इस दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि अस्पताल परिसर में एक चिकित्सक की नियुक्ति और भवन हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है तथा शीघ्र ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद प्रतिनिधिमंडल बिसावर लौट आया। इसके पश्चात विधायक प्रदीप चौधरी स्वयं गांव पहुंचे और कूड़े के ढेर में तब्दील हो चुके आयुर्वेदिक अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों और लघु उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि अस्पताल की दशा सुधारने और इसे पुनः संचालित कराने के लिए वे व्यक्तिगत रूप से हर संभव प्रयास करेंगे। जिला पंचायत सदस्य ईशान चौधरी और समाजसेवी मनोज पंसारी ने बताया कि विधायक के माध्यम से जिलाधिकारी से हुई सार्थक वार्ता के बाद क्षेत्रवासियों में नई उम्मीद जगी है। लोगों को विश्वास है कि जल्द ही यह ऐतिहासिक आयुर्वेदिक अस्पताल पुनर्निर्मित होकर क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page