
हाथरस 06 मई। नगर के बहुचर्चित वेदप्रकाश शर्मा उर्फ सोनू हत्याकांड में पुलिस को कल मंगलवार देर रात बड़ी सफलता हाथ लगी है। जब सासनी क्षेत्र के सुसायत कला मोड़ के पास हुई एक मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनिश और विशाल सहित उनके दो अन्य साथियों को दबोच लिया। जानकारी के अनुसार, एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा को सूचना मिली थी कि आरोपी लाल रंग की स्विफ्ट कार से जिला छोड़ने की फिराक में हैं। घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें शहर कोतवाल सतेंद्र राघव बाल-बाल बचे। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोनिश, विशाल और विवेक शर्मा के पैरों में गोली लगी, जबकि उनके चौथे साथी मोनू कुशवाहा ने डर के मारे आत्मसमर्पण कर दिया।
दरअसल, 6 अप्रैल की रात प्रॉपर्टी डीलर वेदप्रकाश का उनके घर के बाहर से अपहरण किया गया था, जिसके बाद 7 अप्रैल को सहपऊ कोतवाली क्षेत्र के जलेसर रोड स्थित एक नाले से उनका शव बरामद हुआ था। जांच में सामने आया कि मकान हड़पने की नीयत से दिल्ली वाला मोहल्ला निवासी कमल और उसके भाई गौरव ने इस हत्याकांड की साजिश रची थी। मुख्य आरोपी कमल और गौरव को दिल्ली पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि इस मामले में अब तक कुल 11 आरोपी पहले ही जेल भेजे जा चुके थे।
मंगलवार रात एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा को सूचना मिली कि फरार चल रहे अन्य आरोपी सासनी क्षेत्र से जिला छोड़ने की फिराक में हैं। सुसायत कला मोड़ पर घेराबंदी के दौरान लाल रंग की स्विफ्ट कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिसमें शहर कोतवाल सतेंद्र राघव बाल-बाल बचे। जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी मोनिशकांत शर्मा, विशाल और विवेक के पैरों में गोली लगी है। अपने साथियों को घायल देख चौथे आरोपी मोनू कुशवाहा ने हथियार फेंककर आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने मौके से कार सहित चार तमंचे और कारतूस बरामद किए हैं। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है और पुलिस शेष फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।



























