
हाथरस 27 अप्रैल । भीषण गर्मी और ग्रीष्म ऋतु की दस्तक को देखते हुए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने गौवंश के संरक्षण और सुरक्षा के प्रति कड़ा रुख अख्तियार किया है। सोमवार को जिलाधिकारी ने विकास खण्ड हाथरस के वृहद गौ संरक्षण केन्द्र, पुन्नैर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौवंश को गर्मी से बचाने के लिए पुख्ता इंतजाम करने और नर, मादा व छोटे बछड़ों को अलग-अलग शेड में रखने के सख्त निर्देश दिए।
व्यवस्थाओं का बारीकी से लिया जायजा:
जिलाधिकारी ने गौशाला में पेयजल की उपलब्धता, टीन शेड की स्थिति, हरे चारे, भूसे और दाना-चोकर की व्यवस्था का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने केयर टेकर पंजिका, स्टॉक पंजिका और पशु चिकित्सक विजिट पंजिका की जांच करते हुए अभिलेखों को दुरुस्त रखने को कहा। डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि गौवंश के लिए छायादार स्थान और स्वच्छ पेयजल में कोई कोताही न बरती जाए। साथ ही, उन्होंने गौशाला परिसर में तालाब की व्यवस्था करने और सुरक्षा के लिए लगे सीसीटीवी कैमरों को सीधे जिला मुख्यालय कंट्रोल रूम से कनेक्ट करने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि इस गौ आश्रय स्थल में कुल 380 गौवंश (80 नर और 300 मादा) संरक्षित हैं। यहाँ 9 केयर टेकर तैनात हैं और सुरक्षा के लिए 4 सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील हैं। चारे के लिए 20 बीघा में ज्वार की बुवाई की गई है और गोचर भूमि पर हरा चारा उगाने के लिए 88,000 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जा चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यहाँ 54,200 रुपये की गोबर बिक्री भी हुई है। निरीक्षण के समय उप जिलाधिकारी सदर, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी और ग्राम प्रधान सहित संबंधित चिकित्सक व कर्मचारी उपस्थित रहे।
लापरवाही पर मिलेगी सजा:
जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी (CVO) को निर्देशित किया कि जनपद की सभी स्थाई और अस्थाई गौशालाओं में नियमित टीकाकरण और स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक गौवंश की शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान अधिकारी भ्रमण पंजिका में हस्ताक्षर जरूर करें, ताकि जवाबदेही तय की जा सके। लापरवाही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


























