
हाथरस 27 अप्रैल । देश की वास्तविक तस्वीर को डिजिटल पटल पर उतारने के लिए आगामी जनगणना-2027 के प्रथम चरण की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जनपद के समस्त खण्ड विकास अधिकारियों एवं सहायक विकास अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि 22 मई 2026 से शुरू होने वाले मुख्य चरण से पहले, 07 मई से 21 मई 2026 के बीच सभी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी और फ्रंटलाइन वर्कर्स अनिवार्य रूप से ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का कार्य पूर्ण करेंगे। इस डिजिटल प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी वीरेन्द्र कुमार ने विस्तार से जानकारी दी कि नागरिक जनगणना पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर और ओ0टी0पी0 के माध्यम से अपना पंजीकरण कर सकते हैं। स्व-गणना के दौरान नागरिकों को अपने भवन के निर्माण, उपलब्ध सुविधाओं और परिसम्पत्तियों जैसे वाहन, इंटरनेट व इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से संबंधित कुल 33 प्रकार के विवरण दर्ज करने होंगे।
मुख्य विकास अधिकारी ने इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने की सख्त हिदायत दी है। उन्होंने समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे ब्लॉक स्तर पर प्रधानों, पंचायत सदस्यों, आंगनवाड़ी और सफाई कर्मियों को बैच बनाकर 7 मई से पूर्व प्रशिक्षित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग के ई-रिक्शा और लाउडस्पीकर के माध्यम से निरंतर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनमानस इस प्रक्रिया से जुड़ सके। योजना के अनुसार, 7 मई को अभियान के पहले दिन ब्लॉक प्रमुखों के आवास पर जाकर उनकी स्व-गणना कराई जाएगी। सफल पंजीकरण के बाद प्राप्त होने वाली 11 अंकों की संख्या को संभालकर रखना होगा, जिसे मकान गणना के समय फील्ड प्रगणक को उपलब्ध कराना अनिवार्य है। बैठक में स्पष्ट किया गया कि पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ किया गया यह कार्य देश के भविष्य के नियोजन में मील का पत्थर साबित होगा।


























