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सादाबाद 13 अप्रैल । सीएचसी में सोमवार को विधायक प्रदीप चौधरी ने आयरन सुक्रोज सप्ताह का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं को एनीमिया से बचाव, समय पर जांच और सुरक्षित प्रसव के लिए जागरूक किया। विधायक ने बताया कि गर्भावस्था में मां को अपने साथ-साथ गर्भस्थ शिशु को भी रक्त के माध्यम से पोषण देना होता है, जिससे महिलाओं में खून की कमी आम हो जाती है। जिला पंचायत सदस्य शशि चौधरी ने बताया कि प्रथम तिमाही में 90 फोलिक एसिड गोलियां दी जाती हैं, जबकि द्वितीय और तृतीय तिमाही में 380 आयरन फोलिक एसिड गोलियां उपलब्ध कराई जाती हैं। जिन महिलाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर अधिक कम होता है, उन्हें गोलियों के साथ-साथ निश्चित अंतराल पर आयरन सुक्रोज की छोटी बोतलें चढ़ाई जाती हैं। प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दानवीर सिंह ने जानकारी दी कि जिन गर्भवती महिलाओं का हीमोग्लोबिन 7 ग्राम से कम होता है, उन्हें गंभीर एनीमिया और 7 से 9.9 ग्राम के बीच मध्यम एनीमिया की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसी महिलाओं को विशेष निगरानी में रखकर केंद्रों पर आयरन सुक्रोज के माध्यम से उपचार दिया जाता है। यह आयरन सुक्रोज सप्ताह प्रत्येक माह के तीसरे सप्ताह में आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य गंभीर और मध्यम एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर लाभान्वित करना है। चिकित्सकों ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के प्रमुख कारणों की भी जानकारी दी। इनमें रक्तस्राव, खून की कमी, गर्भावस्था में उच्च रक्तचाप, पूर्व गर्भावस्था की जटिलताएं, असामान्य प्रसव, डायबिटीज, हृदय रोग, टीबी, मलेरिया, 15 वर्ष से कम और 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भधारण, 145 सेमी से कम कद तथा 35 किलो से कम वजन को प्रमुख कारण बताया गया। गर्भावस्था के दौरान यदि लगातार तेज बुखार, सिर दर्द, धुंधला दिखना, चक्कर, बेहोशी, शरीर व चेहरे पर सूजन, तेज धड़कन, सांस फूलना, पेट दर्द, योनि से रक्तस्राव या पानी आना, बच्चे की हलचल कम होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में रालोद जिला अध्यक्ष श्याम सिंह प्रधान युवा के जिला अध्यक्ष महिपाल सिंह जिला पंचायत सदस्य केशव देव चौधरी सहित अनेक प्रमुख लोग मौजूद रहे।

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