
हाथरस 11 अप्रैल । दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। खोडा हजारी निवासी संध्या ने अपने पति बबलू सिंह, जेठ, ननद और जिठानी पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का पति यूपी पुलिस में कांस्टेबल है और थाना जरीफनगर बदायूं में तैनात है। संध्या के अनुसार उसके भाई ने रिश्ता पक्का करते समय तीन लाख रुपये नकद और टीका-लगन पर आठ लाख रुपये नकद दिए थे। इसके अलावा 15 ग्राम सोने की चेन, आठ ग्राम की अंगूठी और घर-गृहस्थी का सामान दिया गया। शादी और दावत में लगभग 19 लाख रुपये खर्च हुए। तहरीर में आरोप है कि इतना दहेज देने के बावजूद ससुराल वाले संतुष्ट नहीं हुए। पति बबलू सिंह, जेठ, ननद और जिठानी निवासी तरसारा थाना इगलास अलीगढ़ अतिरिक्त दहेज में स्कार्पियो कार और 15 लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न होने पर घर में न रहने देने की धमकी दी गई। पीड़िता के भाइयों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन ससुराल वाले नहीं माने। आरोप है कि पति, जेठ और ननद ने मिलकर पीड़िता का सारा स्त्रीधन छीन लिया। कहा कि स्कार्पियो के पैसे लाने पर ही जेवर वापस करेंगे। वहीं, पीड़िता के अनुसार डेढ़ साल पहले पति उसे बदायूं के जरीफनगर स्थित पुलिस क्वार्टर फ्लैट नंबर 13 में ले गया। वहां भी प्रताड़ना जारी रही। कहा गया है कि क्वार्टर में कोई घरेलू सुविधा नहीं थी। पति खुद तख्त पर सोता था और प्रार्थिनी को जमीन पर सुलाता था। खाने-पीने का सामान नहीं लाता था, खुद बाहर खाकर शराब पीकर आता और मारपीट करता था। जान से मारने और मायके वालों पर झूठे मुकदमे लगवाने की धमकी देता था। घरवालों से बात भी स्पीकर आन कराकर अपने सामने ही करवाता था। पीड़िता का आरोप है कि पिछले करीब दो साल से उसे मायके नहीं जाने दिया गया। जबकि पति खुद आता-जाता रहता है। 11 जनवरी को जब भाई और जीजा उसे बुलाने जरीफनगर क्वार्टर पहुंचे तो पति बबलू सिंह ने उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। प्रार्थिनी के अनुसार जब वह शिकायत लेकर थाना जरीफनगर गई तो पति ने थानाध्यक्ष के सामने ही भाई और जीजा का गलेवान पकड़कर मारपीट की। लिखित शिकायत देने के बावजूद न तो रिपोर्ट दर्ज हुई और न ही आरोपित पुलिसकर्मी के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई की गई। फिलहाल पुलिस ने शिकायत पर अभियोग पंजीकृत कर लिया है।






















