
सादाबाद 11 अप्रैल । केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत पिछले लगभग एक वर्ष से पाइपलाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। इस निर्माण कार्य में बरती जा रही लापरवाही के कारण आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह पाइपलाइन डालने के बाद छोड़े गए गड्डों को समय पर नहीं भरा गया है, जिससे छोटी गलियों में लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई स्थानों पर बारिश और पानी पड़ने के बाद डाली गई मिट्टी नीचे बैठ गई है, जिससे ये गड्ढे गहरे हो गए हैं। नगर के मोहल्लों और तंग गलियों में पाइपलाइन डालने के लिए की गई खुदाई के बाद सड़कों और रास्तों को समतल नहीं किया गया। इसका नतीजा यह है कि गलियों में बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, जिनसे होकर निकलना राहगीरों, बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार रात के समय अंधेरे में लोग इन गड्डों में गिरकर चोटिल हो चुके हैं। बारिश होने के बाद स्थिति और अधिक खराब हो गई है। जिन स्थानों पर खुदाई के बाद मिट्टी डालकर खानापूर्ति की गई थी, वहां मिट्टी पानी के कारण धंस गई और गड्ढे पहले से अधिक गहरे हो गए। खासकर छोटी गलियों में यह समस्या ज्यादा गंभीर है, जहां पैदल निकलना भी खतरे से खाली नहीं है। नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष ने पूर्व में जल निगम के अधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पाइपलाइन डालने के तुरंत बाद गड्ढों को भरकर रास्तों को समतल कराया जाए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। इस संबंध में जल निगम के केआरके यादव ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आते ही संबंधित ठेकेदार को तत्काल गड्ढे भरने और रास्तों को सही कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जहां-जहां इस प्रकार की शिकायतें हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य कराया जाएगा।


























