
हाथरस 26 मार्च । अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में गुरुवार को एहन स्थित कैंप कार्यालय पर एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आगामी 9 मई 2026 को निकलने वाली महाराणा प्रताप शोभायात्रा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अनिल सिसोदिया, संयोजक संदीप सिसोदिया एवं समस्त सहसंयोजकों का महासभा के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने पगड़ी पहनाकर और प्रतीक चिन्ह भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान समाज के अन्य गणमान्य बंधुओं को भी पटका पहनाकर सम्मानित किया गया।
घास की रोटी स्वीकार की, पर गुलामी नहीं : अनिल सिसोदिया
समारोह को संबोधित करते हुए मेला अध्यक्ष अनिल सिसोदिया ने महाराणा प्रताप के संघर्षपूर्ण जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मेवाड़ के 13वें राजा महाराणा प्रताप केवल एक शासक नहीं, बल्कि स्वतंत्रता के प्रति अटूट प्रेम के अद्वितीय प्रतीक थे। हल्दीघाटी के युद्ध में सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अकबर की विशाल सेना का डटकर सामना किया। उन्होंने महलों का ऐश्वर्य त्यागकर घास की रोटियाँ खाना स्वीकार किया, लेकिन कभी विदेशी अधीनता स्वीकार नहीं की। उनकी प्रतिज्ञा थी कि जब तक मेवाड़ स्वतंत्र नहीं होगा, वे बिस्तर पर नहीं सोएंगे, जो आज भी हमें राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देती है।
क्षत्रिय एकता और समरसता पर जोर
महासभा के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने उपस्थित क्षत्रिय बंधुओं से महाराणा प्रताप के पदचिन्हों पर चलने की अपील की। उन्होंने आगामी 9 मई को निकलने वाली शोभायात्रा को भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए समाज से पूर्ण सहयोग, एकता और समरसता का आह्वान किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव मतेंद्र सिंह गहलोत, प्रदेश सचिव योगेंद्र गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष जोगेंद्र सिंह, भीकम सिंह चौहान, एडवोकेट मनोज प्रधान सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
समारोह में प्रमुख रूप से हरीश सेंगर, अमित पौरुष, नवीन प्रताप सिंह, मोहित चौहान, नितिन शेखावत, देवेंद्र तोमर, विकास पौरुष, उदय राणा, राहुल सिंह, सोनू ठाकुर, रजत ठाकुर, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, सुखवीर सिंह, बृजमोहन मदनावत, संजय कुमार, सतेंद्र सिसोदिया, गौरव ठाकुर, मोना ठाकुर, प्रशांत सिसोदिया, शैलेंद्र चौहान और मदन बाबा आदि उपस्थित रहे।

























