
हाथरस 09 अप्रैल । कलेक्ट्रेट सभागार में आज जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति में द्वितीय चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। इस ऑनलाइन रेण्डमाईजेशन के माध्यम से जनपद की 04 रिक्त देशी मदिरा की दुकानों का पारदर्शी तरीके से आवंटन किया गया। प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवेदन कर्ताओं के समक्ष एलईटी टीवी के माध्यम से आवेदनों को प्रदर्शित किया गया। एक-एक आवेदक का नाम पढ़कर सुनाया गया ताकि किसी को कोई संशय न रहे। ई-लॉटरी की समस्त कार्यवाही सीसीटीवी कैमरों और वीडियोग्राफी की कड़ी निगरानी में पूर्ण की गई। इस अवसर पर जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि प्रदेश भर में लागू यह ई-लॉटरी व्यवस्था पूरी तरह वैज्ञानिक आधार ‘प्रोबेबिलिटी’ (संभाव्यता) पर आधारित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कंप्यूटर द्वारा रैंडम नंबर जनरेट करने की इस प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति का हस्तक्षेप नहीं होता। एक दुकान के लिए प्रत्येक आवेदक के चुने जाने की संभावना बराबर होती है। इस निष्पक्ष सॉफ्टवेयर को आईआईटी कानपुर और आईईटी लखनऊ के विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित किया गया है। जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने जानकारी दी कि जनपद की 4 देशी शराब की दुकानों के लिए कुल 102 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिन्हें जांच के उपरांत स्वीकृत किया गया था। रैंडमाईजेशन के बाद सफल आवेदकों को नियमानुसार दुकानें आवंटित कर दी गईं। कार्यक्रम के दौरान सहायक आबकारी आयुक्त (अलीगढ़ प्रभार), जिला आबकारी अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (DIO) सहित अन्य विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में आवेदक उपस्थित रहे।


























