
हाथरस 09 अप्रैल । आरडी कन्या महाविद्यालय में ‘मिशन शक्ति फेज-5 लेवल-2’ के अंतर्गत महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से एक विशेष चर्चा का आयोजन किया गया। प्राचार्या प्रो. सुषमा यादव के मार्गदर्शन एवं नोडल प्रभारी डॉ. अंजु आर्य के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “सुप्रीम कोर्ट की विशाखा गाइडलाइंस एवं कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न” रहा। शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ. शशि ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं को संबोधित करते हुए विशाखा गाइडलाइंस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्ष 1997 में ‘विशाखा बनाम राजस्थान राज्य’ मामले के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए थे। डॉ. शशि ने स्पष्ट किया कि शारीरिक संपर्क की कोशिश, यौन संबंधों की मांग, अश्लील टिप्पणियां या इस तरह के किसी भी इशारे को उत्पीड़न की श्रेणी में रखा गया है।
चर्चा के दौरान छात्राओं को बताया गया कि अब इन दिशा-निर्देशों को “कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध और निवारण) अधिनियम 2013” के रूप में वैधानिक मजबूती मिल चुकी है। इसका उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को एक सुरक्षित और गरिमामय वातावरण प्रदान करना है। इस जागरूकता कार्यक्रम में महाविद्यालय की 67 छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम के दौरान समिति सदस्य डॉ. अमृता सिंह सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में महिलाओं के प्रति सम्मानजनक वातावरण बनाने का संकल्प लिया।


























