
हाथरस 23 मार्च । मुरसान क्षेत्र के गांव करील निवासी अग्निवीर सचिन पोनियां को उत्तराखंड आपदा में लापता होने के सात महीने बाद आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया है। सोमवार को उनकी बटालियन ने उन्हें शहीद का दर्जा देते हुए गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी। इस घोषणा के बाद जहां पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है, वहीं शहीद के पिता चंद्रवीर सिंह ने अपने बेटे को मिले सम्मान पर संतोष व्यक्त किया है। 23 वर्षीय जांबाज सैनिक सचिन पोनियां 14वीं बटालियन ‘द राजपूताना राइफल्स’ में तैनात थे। बीते 5 अगस्त को उत्तराखंड के धराली (उत्तरकाशी) में बादल फटने के बाद आई भीषण आपदा में बचाव कार्य हेतु सचिन सहित 11 जवानों की टीम को भेजा गया था। इसी दौरान हर्षिल के तेलगाय गदेरे में आई अचानक बाढ़ की चपेट में आने से सचिन लापता हो गए थे। घटना से एक दिन पूर्व 4 अगस्त को उन्होंने अपने परिवार और मित्रों से फोन पर बात की थी। तलाश के दौरान एक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था, जिसके बाद परिजनों को उत्तरकाशी बुलाया गया। पहचान सुनिश्चित करने के लिए डीएनए (DNA) टेस्ट भी कराया गया, लेकिन वह शव सचिन का नहीं निकला। लंबी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद, एसडीएम मटवाडी (उत्तरकाशी) के पत्र के आधार पर उन्हें अनंतिम रूप से मृत घोषित किया गया। आज सेना की परंपरा के अनुसार सचिन को शहीद का दर्जा दिया गया। बटालियन द्वारा दी गई सलामी ने उनके बलिदान पर मुहर लगा दी है। परिजनों ने बताया कि सचिन हमेशा देश सेवा के लिए तत्पर रहते थे। गांव करील में अपने लाडले की शहादत की खबर से हर आँख नम है, लेकिन ग्रामीणों को गर्व है कि उनके गांव के बेटे ने कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्योछावर किए।



























