
हाथरस 23 मार्च । हिंदी भाषा की वैश्विक धमक और हास्य सम्राट काका हाथरसी की विरासत सात समंदर पार भी अपनी चमक बिखेर रही है। कैलिफोर्निया (अमेरिका) स्थित भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित ‘हिंदी दिवस समारोह’ में हाथरस का गौरव और काका हाथरसी की काव्य परंपरा जीवंत हो उठी। इस अंतरराष्ट्रीय समारोह में काका हाथरसी के पौत्र और काका हाथरसी पुरस्कार ट्रस्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर अशोक गर्ग ने मुख्य रूप से शिरकत की। उन्होंने अपनी विशिष्ट शैली में काका हाथरसी की कविताओं का पाठ किया। अपनी पंक्तियों के माध्यम से उन्होंने न केवल हिंदी की मिठास घोली, बल्कि श्रोताओं को ठहाके लगाने पर मजबूर कर दिया। भारतीय दूतावास में मौजूद प्रवासी भारतीयों और विदेशी मेहमानों ने काकाजी की कविताओं का भरपूर आनंद लिया। समारोह में उपस्थित श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ अशोक गर्ग का उत्साहवर्धन किया। अशोक गर्ग की इस प्रस्तुति से न केवल हिंदी भाषा का सम्मान बढ़ा है, बल्कि जनपद हाथरस का नाम भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित हुआ है। अशोक गर्ग ने बताया कि काकाजी के विचार और उनकी हास्य विधा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है, जितनी दशकों पहले थी।


























