
हाथरस 23 मार्च । उत्तर प्रदेश में लागू की जा रही स्मार्ट मीटर व्यवस्था को लेकर अब सियासत गरमा गई है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश सरकार और विद्युत विभाग पर उपभोक्ताओं के उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। जिलाध्यक्ष विवेक उपाध्याय ने कहा कि स्मार्ट मीटर जनता के लिए सुविधा नहीं, बल्कि ‘वसूली का सरकारी हथियार’ बन गए हैं, जिससे आम आदमी बेहाल है। कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कड़ा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि विद्युत विभाग अपनी मनमानी पर उतारू है। बिल जमा करने की अंतिम तिथि समाप्त होने से पहले ही उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं, बिल जमा करने के बावजूद उपभोक्ताओं से जबरन ‘एडवांस बिल’ वसूला जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार के संरक्षण में चल रहा एक बड़ा आर्थिक बोझ करार दिया। विवेक उपाध्याय ने इस पूरी व्यवस्था को सरकार की विफलता बताते हुए कहा, “एक तरफ जनता पहले से ही कमरतोड़ महंगाई की मार झेल रही है, वहीं दूसरी तरफ सरकार ‘स्मार्ट’ होने के नाम पर गरीबों की जेब काट रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियां केवल पूंजीपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए हैं, जबकि मध्यम और निम्न वर्ग का शोषण किया जा रहा है।
अंतिम तिथि से पहले बिजली काटने की कार्रवाई को तत्काल बंद किया जाए। बिलिंग सिस्टम में पारदर्शिता लाई जाए और एडवांस वसूली पर रोक लगे। स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और इसमें व्याप्त गड़बड़ियों की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो। उपाध्याय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विभाग और प्रशासन ने जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया, तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हर अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।


























