
हाथरस 22 मार्च । बागला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के तत्वावधान में योग वेदांत आश्रम, दयानतपुर में चल रहे सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन रविवार को विविध जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने न केवल समाज सेवा का संकल्प लिया, बल्कि ‘विश्व जल दिवस’ के अवसर पर जल संरक्षण की महत्ता को भी समझा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय, अलीगढ़ की एनएसएस समन्वयक प्रो. नीता वार्ष्णेय रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि एनएसएस युवाओं को समाज की वास्तविक समस्याओं से जोड़ता है। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया।
विश्व जल दिवस पर ‘बूंद-बूंद’ बचाने का संकल्प
चूँकि आज ‘विश्व जल दिवस’ था, इसलिए विशेषज्ञों ने जल संकट और भविष्य की चुनौतियों पर विशेष चर्चा की। विशिष्ट वक्ताओं—प्रो. प्रेम प्रकाश, डॉ. लख्मीचंद और डॉ. हरिओम ने जल संरक्षण के वैज्ञानिक और सामाजिक पहलुओं पर प्रकाश डाला। स्वयंसेवकों को पानी की हर बूंद बचाने और ग्रामीणों को जागरूक करने की शपथ दिलाई गई। वहीं, जिला समन्वयक मनोज उपाध्याय ने ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की जानकारी देते हुए युवाओं को इस बीमारी के उन्मूलन में सहयोग करने का आह्वान किया।
प्राचार्य व कार्यक्रम अधिकारियों का कुशल मार्गदर्शन
शिविर का सफल संचालन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) महावीर सिंह छोंकर के कुशल निर्देशन में किया जा रहा है। कार्यक्रम को प्रभावी बनाने में एनएसएस की तीनों इकाइयों के कार्यक्रम अधिकारियों—डॉ. विनय कुमार वर्मा (इकाई-I), डॉ. ऋषिकांत (इकाई-II) और डॉ. अंकिता (इकाई-III) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने स्वयंसेवकों को अनुशासित रहकर निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित किया।
स्वयंसेवकों का विशेष सहयोग
शिविर की विभिन्न गतिविधियों और प्रबंधन में बॉबी, अमित कुमार, पूजा सारस्वत, राधा और देवांशी जैसे प्रमुख स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और गांव में घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने का कार्य किया।

























