
हाथरस 22 मार्च । श्री रामेश्वर दास अग्रवाल कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई प्रथम द्वारा ग्राम धन सिंह नगला स्थित जी.पी.एस इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर का रविवार को उत्साहपूर्ण समापन हुआ। सात दिनों तक चले इस सेवा यज्ञ में स्वयंसेविकाओं ने न केवल ग्रामीण परिवेश को समझा, बल्कि स्वच्छता और जागरूकता के माध्यम से समाज सेवा का अनूठा उदाहरण भी पेश किया। समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुषमा यादव, पूर्व प्राचार्या प्रो. मीता कौशल, प्रो. रंजना सिंह और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. ललितेश तिवारी ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में छात्राओं ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुष्का, कुमकुम, भारती और प्रार्थना ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की, वहीं रितु सिंह और तान्या के कृष्ण भजन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। भारती कुमारी के राजस्थानी लोक नृत्य और कुमकुम भारती की ‘नारी सशक्तिकरण’ पर ओजस्वी कविता ने खूब तालियाँ बटोरीं।
शिविर के अंतिम दिन की शुरुआत स्वच्छता अभियान से हुई। छात्रा काजल वार्ष्णेय ने सात दिनों के अपने खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि कैसे इस शिविर ने उनके भीतर नेतृत्व क्षमता और सेवा भाव को जगाया है। राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की एनएसएस कोऑर्डिनेटर प्रो. नीता वार्ष्णेय ने भी कैंप का निरीक्षण कर छात्राओं के अनुशासन और समर्पण की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्या प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल मंत्र ‘स्वयं से पहले देश’ है। इस तरह के शिविरों का उद्देश्य छात्राओं को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराना और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करना है। उन्होंने छात्राओं को भविष्य में भी इसी सेवा भाव के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्रा रागनी द्वारा किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय का समस्त स्टाफ, स्वयंसेविकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ शिविर का विधिवत समापन किया गया।

























