
सासनी 20 मार्च । कोतवाली सासनी क्षेत्र के गोहाना चौकी अंतर्गत ग्राम सीकुर में शुक्रवार को जमीन के विवाद ने खूनी रूप अख्तियार कर लिया। सगे भाइयों और भतीजे ने मिलकर अपने ही मझले भाई पर लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। सिर में गंभीर चोट लगने के कारण भीमसेन (55) ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में कोहराम मच गया और आरोपी मौके से फरार हो गए।
वसीयत को लेकर चल रहा था पुराना मनमुटाव
जानकारी के अनुसार, सीकुर निवासी भीमसेन, पूरन और रवेंद्र तीनों सगे भाई हैं। विवाद की जड़ करीब 30 बीघा जमीन है, जिसे उनके पिता स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह ने कुछ साल पहले अपने मझले बेटे भीमसेन के नाम वसीयत कर दिया था। पिता के इस फैसले के बाद से ही अन्य दोनों भाई भीमसेन से रंजिश रखने लगे थे और अक्सर विवाद होता रहता था।
खेत पर चारा लेने गए पिता-पुत्री पर हमला
शुक्रवार दोपहर भीमसेन अपनी बेटी वर्षा के साथ खेत पर पशुओं के लिए चारा लेने गए थे। तभी वहां घात लगाकर बैठे भाई पूरन सिंह, रवेंद्र और पूरन का बेटा यशवीर पहुंच गए। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज से मारपीट में बदल गया। तीनों ने मिलकर भीमसेन पर लाठियों से हमला कर दिया। पिता को बचाने आई बेटी वर्षा को भी चोटें आईं। भीमसेन के सिर पर लाठी का जोरदार वार होने से वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और उनकी तत्काल मौत हो गई।
पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मुकदमा
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी (सीओ) और कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पुत्रवधू बीनेश की तहरीर पर पुलिस ने ताऊ पूरन सिंह, चाचा रवेंद्र, ताऊ के लड़के यशवीर और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।

























