
हाथरस 20 मार्च । कलेक्ट्रेट सभागार में आज अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) डॉ. बसंत अग्रवाल की अध्यक्षता में जनपद की देशी मदिरा और कम्पोजिट दुकानों का आवंटन ऑनलाइन ई-लॉटरी एवं रेंडमाइजेशन प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न हुआ। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई और पारदर्शिता के लिए आवेदकों के नाम एलईटी स्क्रीन पर प्रदर्शित किए गए। ई-लॉटरी प्रक्रिया के दौरान अपर जिलाधिकारी डॉ. बसंत अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश भर में लागू यह व्यवस्था पूर्णतः पारदर्शी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉटरी का आधार वैज्ञानिक ‘प्रोबेबिलिटी’ (प्रायिकता) पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक आवेदक के चयन की संभावना समान होती है। कंप्यूटर द्वारा रैंडम नंबर जनरेट किए जाते हैं, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप की कोई गुंजाइश नहीं है। इस सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता को आईआईटी कानपुर और आईईटी लखनऊ के विशेषज्ञों ने प्रमाणित किया है।
इतने आवेदनों पर लगी मुहर
जिला आबकारी अधिकारी कृष्ण मोहन ने बताया कि जनपद में एक कम्पोजिट दुकान और तीन देशी शराब की दुकानों के लिए आवंटन प्रक्रिया की गई। कम्पोजिट दुकान के लिए कुल 16 आवेदन प्राप्त हुए, जो सभी स्वीकृत पाए गए। वहीं देशी शराब की दुकान के लिए कुल 29 आवेदन प्राप्त हुए, जिन्हें जांच के बाद लॉटरी में शामिल किया गया।
निगरानी में हुई प्रक्रिया
पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभागार में मौजूद सभी आवेदकों के सामने उनके नाम पढ़कर सुनाए गए। आवंटन की पूरी कार्यवाही सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई। इस अवसर पर सहायक आबकारी आयुक्त (विभागीय पर्यवेक्षक), जिला सूचना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (DIO), ईडीएम और भारी संख्या में आवेदक उपस्थित रहे।

























