
हाथरस 20 मार्च । विकास भवन सभागार में पशुपालन विभाग द्वारा प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना के अंतर्गत जनपद के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी एवं पैरावेट्स के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजय सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षण में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर डा. सौरभ गुप्ता (पशु चिकित्साधिकारी देदामई) ने पशुओं के आधार, बैलेंस राशन, उम्र के अनुसार मेंटेनेंस राशन, गर्भवती एवं दुधारू पशुओं को दिए जाने वाले आहार की मात्रा के बारे में जानकारी दी। साथ ही कृमिनाशक एवं वैक्सीनेशन के सही तरीके और सावधानियों पर भी प्रकाश डाला। दूसरे मास्टर ट्रेनर डा. भूपेन्द्र सिंह (पशु चिकित्साधिकारी लालगढ़ी) ने कुक्कुट सेक्टर एवं कुक्कुट विकास नीति 2022 के तहत 10,000, 30,000 एवं 60,000 क्षमता के कमर्शियल लेयर फार्म स्थापित करने तथा पशुपालकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के बारे में बताया।
डा. विकास यादव (पशु चिकित्साधिकारी सहपऊ) ने पशुओं में बांझपन की समस्या, गर्भ परीक्षण, हीट के लक्षण एवं कृत्रिम गर्भाधान से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। वहीं डा. गोपाल सिंह (पशु चिकित्साधिकारी मंडी समिति) ने एनडीएलएम के तहत पशुओं के डेटा को भारत पशुधन पोर्टल पर अपलोड करने एवं उसकी नियमित मॉनिटरिंग के बारे में बताया। डा. प्रिया गुप्ता (पशु चिकित्साधिकारी कोटा) ने बर्ड फ्लू से बचाव एवं प्रबंधन तथा इसके फैलाव के कारणों की जानकारी दी। डा. सतीश कुमार (पशु चिकित्साधिकारी टुकसान) ने कृत्रिम गर्भाधान एवं सेक्स्ड सीमन तकनीक पर विस्तृत जानकारी साझा की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डा. हौसला प्रसाद (अपर निदेशक ग्रेड-2, पशुपालन विभाग, अलीगढ़ मंडल) उपस्थित रहे और उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अंत में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. विजय सिंह ने सभी प्रतिभागियों से अपील की कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाकर अधिक से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित करें तथा सभी का आभार व्यक्त किया।
























