
सिकंदराराऊ 18 मार्च । नगर में प्रतिबंधित कफ सिरप ‘कोडीन सल्फेट’ के अवैध कारोबार का मामला एक बार फिर गरमा गया है। अभी पुराने अस्पताल परिसर में मिली बोतलों की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि 17 मार्च की दोपहर जीटी रोड से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) जाने वाले मार्ग पर भारी मात्रा में खाली बोतलें मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही तहसीलदार और औषधि निरीक्षक ने मौके पर पहुँचकर जांच शुरू कर दी है।
कूड़े के ढेर पर मिलीं 100 खाली बोतलें
जानकारी के अनुसार, अलीगढ़-जीटी रोड से सीएचसी जाने वाले रास्ते पर कूड़े के ढेर में लगभग 100 प्रतिबंधित कोडीन सल्फेट सिरप की खाली बोतलें लावारिस हालत में पड़ी मिलीं। खास बात यह है कि इन बोतलों पर एक्सपायरी वर्ष 2027 अंकित है, जिससे स्पष्ट है कि यह स्टॉक बिल्कुल नया था।
बोतलों के ढक्कन में छेद, साजिश की बू
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. राज वर्मा ने बताया कि बरामद बोतलों के ढक्कन में छेद मिले हैं। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि सिरप को किसी अन्य बर्तन या माध्यम में निकाल लिया गया और सबूत मिटाने के उद्देश्य से खाली बोतलें यहाँ फेंक दी गईं। प्रशासन ने सभी बोतलों को जब्त कर लिया है।
दो माह पहले भी मिल चुका है जखीरा
गौरतलब है कि करीब दो माह पूर्व भी नगर के पुराने अस्पताल परिसर में लगभग 35 खाली बोतलें मिली थीं। उस समय भी नशे के लिए इस प्रतिबंधित सिरप के इस्तेमाल की बात सामने आई थी। औषधि विभाग ने कई मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी भी की थी, लेकिन मुख्य स्रोत का पता अब तक नहीं चल सका है।
जांच में जुटा प्रशासन
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार सोनू बघेल और औषधि निरीक्षक ने रात में ही सीएचसी पहुँचकर गहनता से बोतलों की पड़ताल की। तहसीलदार ने बताया कि यह जांच का विषय है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित दवा यहाँ कहाँ से आई और इसका वितरण कहाँ किया जा रहा है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इस रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।


























