
हाथरस 17 मार्च । अलीगढ़ के गंगीरी और आगरा में हुए दर्दनाक हादसों में दो छात्राओं की मौत के बाद शासन और परिवहन विभाग बेहद सख्त हो गया है। हाथरस एआरटीओ लक्ष्मण प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि अब यदि किसी भी स्कूल वाहन के साथ दुर्घटना होती है, तो स्कूल प्रबंधन यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकेगा कि उनके पास अपनी ट्रांसपोर्ट व्यवस्था नहीं है। ऐसी स्थिति में सीधे स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी।एआरटीओ ने बताया कि आगामी 1 से 30 अप्रैल तक जिले भर में स्कूल वाहनों के खिलाफ एक विशेष सघन चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान केवल पंजीकृत स्कूली वाहनों में ही छात्र-छात्राओं को ले जाने की अनुमति होगी। डग्गामार या मानक विहीन वाहनों में बच्चों को ढोना भारी पड़ेगा।
चेकिंग में कटे चालान, कमियां देख बिफरे अधिकारी
सोमवार को एआरटीओ के नेतृत्व में आगरा रोड और मेंडू रोड पर स्कूली वाहनों की औचक चेकिंग की गई। इस दौरान वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स, रिफ्लेक्टर और कैमरों जैसी अनिवार्य सुविधाओं का अभाव पाया गया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने पर 10 वाहन चालकों के तत्काल चालान काटे गए।
डीएम की अध्यक्षता में होगी प्रबंधकों की बैठक
नियमों के कड़ाई से पालन के लिए जल्द ही जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें जिले के सभी स्कूलों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य बुलाए जाएंगे, जिन्हें सुरक्षा मानकों और कानूनी उत्तरदायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।

























