सिकंदराराऊ (हसायन) 14 मार्च । सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के तमाम दावों के बावजूद हाथरस जनपद के ग्रामीण अंचलों में स्थिति बदहाल है। शनिवार को श्रीनगर स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पर इसका जीता-जागता उदाहरण देखने को मिला, जहाँ सुबह 10:20 बजे तक केंद्र के मुख्य द्वार पर ताला लटका रहा। न तो कोई चिकित्सक मिला और न ही फार्मासिस्ट, जिसके कारण दूर-दराज से आए मरीज घंटों तक बाहर खड़े होकर इंतजार करते रहे। श्रीनगर पीएचसी पर नगला दली, खुशालगढ़, हेंथा रघुनाथपुर, नगला आल, नगला टांडा, नगला अडू, रामनगरिया और श्रीनगर सहित करीब आठ गाँवों के ग्रामीण अपने उपचार के लिए निर्भर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहाँ तैनात कर्मचारियों और चिकित्सकों का देर से आना या अनुपस्थित रहना अब एक सामान्य बात बन गई है, जिससे गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे इलाज के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। राम नगरिया निवासी प्रेमपाल सिंह, जो दस्त और श्वास रोग की दवा लेने आए थे, ने बताया कि वे काफी देर से केंद्र पर चिकित्सक का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है। केंद्र पर ताला बंद देख उनकी निराशा साफ झलक रही थी। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र पर पहले से ही संसाधनों की कमी है, रही-सही कसर लापरवाह कर्मचारियों ने पूरी कर दी है।
क्या कहते हैं जिम्मेदार?
इस संबंध में जब कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. राजीव राय से जानकारी ली गई, तो उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा, “मामला संज्ञान में आया है। तत्काल प्रभाव से क्षेत्रीय चिकित्सा अधिकारी को इस बाबत निर्देश दिए जा रहे हैं और जाँच कराकर संबंधित दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”




















