सिकंदराराऊ (हसायन) 14 मार्च । कस्बा स्थित ‘मयंक भारत गैस सर्विस एजेंसी’ पर उपभोक्ताओं की मजबूरी का फायदा उठाने का मामला सामने आया है। शनिवार को ई-केवाईसी और रिफिल के लिए उमड़ी भीड़ के बीच न केवल अव्यवस्था का आलम रहा, बल्कि एजेंसी द्वारा सरकारी दरों से अधिक अवैध वसूली किए जाने के भी आरोप लगे हैं।
धक्का-मुक्की के बाद बुलानी पड़ी पुलिस
शनिवार सुबह से ही अपनी बारी के इंतजार में एजेंसी पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ जमा हो गई। घंटों लाइन में खड़े रहने के कारण महिला-पुरुषों में धक्का-मुक्की होने लगी। हालात को बेकाबू होते देख एजेंसी कर्मचारियों ने पुलिस को मौके पर बुला लिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
जंगल में स्थित गोदाम तक भटक रहे उपभोक्ता
उपभोक्ताओं का आरोप है कि एजेंसी द्वारा हसायन कस्बे में गैस वितरण के लिए वाहन नहीं भेजा जा रहा है। मजबूरन उन्हें कस्बा से 10 किलोमीटर दूर पुरदिलनगर मार्ग स्थित ‘नगला बरी पट्टी देवरी’ के पास जंगल में बने गैस गोदाम तक लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। सुबह से शाम तक की कड़ी मशक्कत के बाद उपभोक्ताओं को सिलेंडर नसीब हो रहा है। प्रशासन की इस उदासीनता के कारण आम आदमी को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकारी दर से 4 रुपये अधिक की वसूली
सबसे गंभीर आरोप अवैध वसूली का है। उपभोक्ताओं ने बताया कि गैस सिलेंडर की सरकारी दर 926 रुपये है, लेकिन एजेंसी संचालक उनसे 930 रुपये वसूले जा रहे हैं। प्रति सिलेंडर 4 रुपये की यह अवैध वसूली खुलेआम की जा रही है, जिस पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है।
उपभोक्ताओं की मांग
पीड़ित उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एजेंसी की मनमानी पर रोक लगाई जाए और कस्बा में सुचारू रूप से गैस वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि उन्हें 20 किलोमीटर की भागदौड़ न करनी पड़े।




















