
हाथरस 14 मार्च । आज जनपद न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में वर्ष की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश विनय कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस लोक अदालत ने निस्तारण के मामले में कीर्तिमान स्थापित करते हुए कुल 70,970 विभिन्न प्रकृति के वादों का आपसी सहमति से निस्तारण किया। इस दौरान करोड़ों रुपये के बैंक ऋण, विद्युत बिल और प्रतिकर राशि के समझौतों पर मुहर लगी। लोक अदालत का सबसे भावुक क्षण पारिवारिक न्यायालय में देखने को मिला। प्रधान न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) बाबूराम के प्रयासों से 17 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें से 9 बिछड़े हुए जोड़ों ने गिले-शिकवे भुलाकर फिर से साथ रहने का निर्णय लिया और राजी-खुशी अपने घर विदा हुए।
करोड़ों रुपये का समझौता और प्रतिकर
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मोटर दुर्घटना दावा : पीठासीन अधिकारी मीनू शर्मा के न्यायालय से 16 वादों का निस्तारण कर पीड़ितों को 1,51,54,000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए।
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बैंक ऋण : प्रिलिटिगेशन स्तर पर बैंक के 22,501 मामलों का निस्तारण कर 11,05,33,387 रुपये की समझौता राशि तय की गई।
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राजस्व और फौजदारी : राजस्व के 33,507 और लघु आपराधिक प्रकृति के 6,731 वादों का निस्तारण कर 5,69,000 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया।
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उपभोक्ता फोरम : अध्यक्ष राकेश कुमार-चतुर्थ के न्यायालय से 9 वादों में 54,34,109 रुपये के आदेश पारित किए गए।
विभिन्न न्यायालयों की सक्रियता
लोक अदालत में अपर जनपद न्यायाधीशगण महेंद्र श्रीवास्तव, संगीता शर्मा, चित्रा शर्मा, हर्ष अग्रवाल, निर्भय नारायण राय, विजय कुमार, महेंद्र रावत और प्रशांत कुमार के न्यायालयों ने दर्जनों फौजदारी और सिविल वादों का निस्तारण किया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जयहिंद कुमार सिंह के न्यायालय से 2,679 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 3,71,040 रुपये अर्थदंड वसूला गया। वहीं सिविल जज आकांक्षा गर्ग, हर्षिका रस्तोगी और न्यायिक मजिस्ट्रेट खुशबू चंद्रा ने भी बड़ी संख्या में लंबित मामलों को समाप्त कराया।
तहसीलों और विभागों में भी रहा उत्साह
हाथरस, सादाबाद, सिकंदराराऊ और सासनी के उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों के न्यायालयों से हजारों की संख्या में राजस्व एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। एआईजी स्टांप, जिला पंचायत राज अधिकारी, समाज कल्याण और पूर्ति विभाग के कार्यालयों ने भी सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने समस्त न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, बैंक अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और वादकारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लोक अदालत ‘सुलभ और त्वरित न्याय’ का सबसे सशक्त माध्यम है। इस अवसर पर जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और भारी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।


























