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हाथरस 11 मार्च । अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ, हाथरस के आह्वान पर बुधवार को प्रांतीय नेतृत्व के दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षकों और कर्मचारियों ने लगातार तीसरे दिन टीईटी के विरोध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश नई दिल्ली के नाम पोस्टकार्ड प्रेषित किए। शिक्षक संगठनों का कहना है कि वर्ष 2011 और उससे पहले की शिक्षक भर्तियों में निर्धारित योग्यता के आधार पर उनका चयन हुआ था। उस समय की सभी योग्यताएं पूरी करने के बाद शिक्षकों ने नियुक्ति प्राप्त की और वर्षों से सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में 20 से 30 वर्ष की सेवा के बाद टीईटी जैसी नई योग्यता लागू करना तर्कहीन और अनुचित है। विभिन्न विद्यालयों से सैकड़ों शिक्षकों ने पत्र लिखते हुए टीईटी का विरोध दर्ज कराया और पोस्टकार्ड के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। अटेवा के जिला संरक्षक श्री रैदास के निर्देशन में डीआईओएस कार्यालय के कंट्रोल रूम में तैनात शिक्षक कर्मचारियों ने भी सरकार से टीईटी से मुक्ति की मांग की।

जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चौधरी ने विद्यालय स्टाफ मृदुल शर्मा, अनिल गौतम और विनोद शर्मा के साथ पोस्टकार्ड लिखकर टीईटी का विरोध दर्ज कराया। वहीं शिक्षिका अर्चना कुमारी ने अपने स्टाफ के साथ प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र भेजते हुए टीईटी से मुक्त रखने की मांग की। उनका कहना था कि भर्ती के समय निर्धारित योग्यता पूरी थी, ऐसे में 20 वर्ष की नौकरी के बाद नई योग्यता जोड़ना शिक्षकों के साथ अन्याय है। अटेवा के जिला महामंत्री रविकांत वर्मा ने सभी साथियों से टीईटी मुक्ति अभियान में शामिल होने की अपील की। वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री तरुण शर्मा ने शिक्षकों से अधिक से अधिक पत्र लिखने का आह्वान किया। अटेवा के जिला अध्यक्ष प्रेमचंद चंदेल ने कहा कि यह आंदोलन निरंतर आगे बढ़ रहा है और शिक्षकों की मांगों को लेकर अभियान सफलता की ओर अग्रसर है।

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