
हाथरस 10 मार्च । छह वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में जेल गए ट्यूशन शिक्षक को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो-प्रथम की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए आरोपी को रिहा करने के आदेश दिए। घटना 16 अक्तूबर 2024 की है। कक्षा दो में पढ़ने वाली छात्रा गांव में ही ट्यूशन पढ़ने के लिए गई थी। परिजनों के अनुसार छात्रा ने घर लौटकर बताया था कि ट्यूशन शिक्षक ने उसके साथ अश्लील हरकत की है। इस पर छात्रा के दादा की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ दुष्कर्म के प्रयास और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने अगले दिन आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। साथ ही छात्रा का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और उसके बयान भी दर्ज किए गए। बाद में पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी, जिसके बाद मुकदमा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो-प्रथम की अदालत में विचाराधीन हुआ। विचारण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शिक्षक ने छात्रा को होमवर्क न करने पर डांटा था। अभियोजन पक्ष ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे लगाए गए आरोप सिद्ध हो सकें। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने 6 मार्च को संदेह का लाभ देते हुए आरोपी ट्यूशन शिक्षक को दोषमुक्त कर रिहा करने के आदेश दिए।
























