सिकंदराराऊ (हसायन) 10 मार्च । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हसायन में चिकित्सा व्यवस्था और स्टाफ की लापरवाही ने एक नवजात शिशु की जान ले ली। गाँव कानऊ निवासी मनोज कुमार शर्मा ने जिलाधिकारी अतुल वत्स के ‘जनता दरबार’ में पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि ड्यूटी पर तैनात नर्स की मनमानी और अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण उनके नवजात पुत्र की मौत हो गई। पीड़ित ने घटना के साक्ष्य के साथ दोषी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और अस्पताल में सुविधाओं को दुरुस्त करने की मांग की है।
रात में सो रही थीं नर्स, पत्नी दर्द से तड़पती रही
पीड़ित मनोज कुमार ने बताया कि वे अपनी पत्नी रश्मि को प्रसव पीड़ा के चलते 1 मार्च 2026 की रात 11 बजे सीएचसी हसायन लेकर पहुँचे थे। आरोप है कि अस्पताल के शौचालयों में न पानी था और न ही साफ-सफाई। जब प्रसूता की हालत बिगड़ी और उनकी बहन ने ड्यूटी पर तैनात नर्स को आवाज दी, तो कोई सुनवाई नहीं हुई। मनोज ने जब नर्सिंग रूम में जाकर देखा, तो नर्स सो रही थी। जगाने पर नर्स ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और डांटकर बाहर निकाल दिया।
इलाज के अभाव में दम तोडा
पीड़ित के अनुसार, सुबह 7 बजे बच्चे का जन्म हुआ। बच्चा कमजोर था और उसे हीटिंग (वॉर्मर) की तत्काल आवश्यकता थी, लेकिन सीएचसी पर बिजली नहीं थी। मनोज द्वारा विद्युत विभाग के एसडीओ को फोन करने के बाद बिजली आई। इसके बाद उसे पहले हाथरस, फिर अलीगढ़ और अंत में खुर्जा रेफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान 4 मार्च की रात नवजात की मृत्यु हो गई।
अव्यवस्थाओं का केंद्र बना सीएचसी
पीड़ित पिता का कहना है कि अस्पताल में जनरेटर, बिजली, शौचालय और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है। जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में उन्होंने स्पष्ट कहा है कि जो त्रासदी उन्होंने झेली है, वह किसी अन्य के साथ न हो। उन्होंने सीएचसी हसायन की कार्यप्रणाली की जांच कर दोषी स्टाफ पर कठोर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जिलाधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित जांच का आश्वासन दिया है।






















