
हाथरस 09 मार्च । चंदपा कोतवाली क्षेत्र के गांव पैकवाड़ा में कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। एक विवाहित महिला ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात घर में घुसकर छेड़खानी और मारपीट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने मिलीभगत करके बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया। महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस की इस करतूत की शिकायत की है। पीड़ित महिला के अनुसार, शुक्रवार की रात गांव के ही रहने वाले शनि, कुणाल और अवधेश गलत इरादे से उसके घर में घुस आए। महिला ने विरोध किया तो शोर मच गया, जिससे उसका पति जाग गया। जागने पर आरोपियों ने पति-पत्नी दोनों के साथ जमकर मारपीट की। आसपास के लोगों के इकट्ठा होने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला, उसके पति व आरोपी शनि को थाने ले आई। महिला का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद चंदपा कोतवाल और आरोपी के परिजनों ने उन पर समझौते का दबाव बनाना शुरू कर दिया। पीड़िता का दावा है कि उसने पुलिस को रात में ही तहरीर दे दी थी, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस ने उसकी मर्जी के बिना फर्जी समझौता तैयार किया, जिस पर उसने या उसके पति ने कोई दस्तखत नहीं किए हैं। आरोपी शनि, जो पहले से ही कई मुकदमों में वांछित है, को पुलिस ने मिलीभगत करके बिना मेडिकल (डॉक्टरी) कराए छोड़ दिया।
सीसीटीवी की निष्पक्ष जांच की मांग
पीड़िता ने स्पष्ट कहा है कि वह किसी भी हाल में समझौते के लिए तैयार नहीं है। उसने सीसीटीवी फुटेज की जांच करने की मांग की है ताकि सच्चाई सामने आ सके। उसने चेतावनी दी है कि यदि एसपी कार्यालय से उसे न्याय नहीं मिला, तो वह अलीगढ़ डीआईजी (DIG) के पास जाकर न्याय की गुहार लगाएगी। पीड़िता और उसका परिवार अब आरोपी के बढ़ते आतंक और पुलिस की बेरुखी से डरे हुए हैं।



































