
हाथरस 09 मार्च । उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती रेनू गौड की अध्यक्षता में आज तहसील सदर के सभागार में महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान महिला उत्पीड़न की रोकथाम और पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से प्राप्त शिकायतों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
चार गंभीर प्रकरणों की हुई सुनवाई
जनसुनवाई के दौरान कुल 4 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 3 मामले घरेलू हिंसा और एक मामला अन्य उत्पीड़न से संबंधित था। मा. सदस्या ने सभी पीड़ितों की समस्याओं को विस्तार से सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रकरणों में नियमानुसार जांच कर यथाशीघ्र कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
जनसुनवाई के उपरांत श्रीमती रेनू गौड ने महिला थानाध्यक्ष रितु तोमर के साथ थाना स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा की। उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि महिला उत्पीड़न से संबंधित जो भी पुराने मामले लंबित हैं, उनका निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
विभागीय अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी और सहायक बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर महिला थानाध्यक्ष रितु तोमर, महिला कल्याण विभाग से डीएमसी मोनिका दीक्षित, वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक मनीषा भारद्वाज, फारिया नोशी, कैलाश चंद, बंटी कुशवाह, मोहित पी.एल.वी. साहब सिंह, राकेश कुमार और मीनू वार्ष्णेय आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।



































