
हाथरस 09 मार्च । अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में नारी शक्ति के सम्मान में एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। जिलाधिकारी अतुल वत्स ने महिला सशक्तिकरण का अनूठा संदेश देते हुए छात्रा कनिका माहेश्वरी को प्रतीकात्मक रूप से ‘एक दिन का जिलाधिकारी’ बनाया। कनिका जब जिलाधिकारी की कुर्सी पर बैठीं, तो वहां उपस्थित सभी अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की।
नेतृत्व क्षमता को मिला सम्मान
जिलाधिकारी अतुल वत्स ने स्वयं कनिका को प्रशासनिक कार्यप्रणाली की बारीकियों से अवगत कराया और उन्हें नेतृत्व के गुणों के बारे में बताया। डीएम ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि समाज के सामने यह स्पष्ट संदेश रखना है कि हमारी बेटियाँ आज भविष्य की नीति-निर्माता और कुशल नेतृत्वकर्ता हैं। यदि उन्हें सही अवसर और प्रोत्साहन मिले, तो वे प्रशासन से लेकर विज्ञान और उद्यमिता तक हर क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू सकती हैं।
बेटियों के सपनों को पंख देने का संकल्प
डीएम अतुल वत्स ने अपने संबोधन में कहा, “महिला सशक्तिकरण का वास्तविक अर्थ तभी सिद्ध होगा जब समाज की हर बेटी को अपने सपने पूरे करने का समान अवसर मिले। शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान ही एक सशक्त समाज की असली नींव है।” उन्होंने “Where there is a woman, there is a miracle” का उल्लेख करते हुए कहा कि जहाँ महिला शक्ति का वास होता है, वहाँ विकास और सकारात्मक परिवर्तन की नई राहें स्वयं प्रशस्त हो जाती हैं।
समाज को दिया सकारात्मक संदेश
जिलाधिकारी की इस पहल ने न केवल छात्रा कनिका के आत्मविश्वास को बढ़ाया, बल्कि जनपद की अन्य बालिकाओं के लिए भी एक बड़ा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने जोर दिया कि आज की बेटियाँ हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं, हमें बस उन्हें प्रोत्साहित करने और उनके आत्मविश्वास को संबल देने की आवश्यकता है। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने जिलाधिकारी की इस पहल का स्वागत करते हुए महिला दिवस की शुभकामनाएँ दीं।



































