
हाथरस 08 मार्च । सेवारत शिक्षकों पर टीईटी (TET) लागू किए जाने के विरोध में विभिन्न शिक्षक संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। आज आयोजित अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ की एक महत्वपूर्ण बैठक में निर्णय लिया गया कि सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। आंदोलन की रणनीति तय करते हुए पहले चरण में 9 मार्च से 15 मार्च 2026 तक पोस्टकार्ड अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है।
राष्ट्रपति से लेकर मुख्यमंत्री तक होगी पत्राचार
महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कल 9 मार्च से शुरू होकर 15 मार्च तक जिले के सभी शिक्षक महामहिम राष्ट्रपति, माननीय प्रधानमंत्री, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, माननीय मुख्य न्यायाधीश और नेता प्रतिपक्ष को पोस्टकार्ड भेजेंगे। इस पत्राचार के माध्यम से सरकार से विनम्र अनुरोध किया जाएगा कि जो शिक्षक पहले से ही वर्षों से सेवा दे रहे हैं, उन्हें टीईटी से मुक्त रखा जाए। सभी शिक्षकों से अपने और अपने परिवार के भविष्य की सुरक्षा के लिए इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई है।
कई संगठनों का मिला समर्थन
बैठक में ‘अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ’ के बैनर तले कई बड़े शिक्षक संगठनों ने अपना समर्थन व्यक्त किया। इसमें प्रमुख रूप से अटेवा पेंशन बचाओ मंच, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उत्तर प्रदेशीय पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ, विशिष्ट बीटीसी संघ, एससी-एसटी शिक्षक संघ और टीएससीटी संगठन शामिल रहे।
प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिला अध्यक्ष अटेवा प्रेमचंद चंदेल, जिला महामंत्री अटेवा रवि कान्त वर्मा, जिला महामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ तरुण शर्मा, जिला कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश राणा, जिला महामंत्री पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ भूपेंद्र सेंगर, जिला संरक्षक रैदास कुमार और उमेश कुमार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



































