
हाथरस 08 मार्च । अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अलीगढ़ रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ‘शांति भवन’ (आनंदपुरी) में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘वंदे मातरम् स्वर्णिम भारत’ शीर्षक के अंतर्गत आयोजित इस समारोह में नारी के सुसंस्कृत और संस्कारी स्वरूप को वंदनीय बताते हुए सशक्तिकरण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ‘शुभ संकल्पों के दीप’ प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान बालिकाओं ने सांस्कृतिक छटा बिखेरी। लक्ष्मी बहन ने “सांसों की सरगम गाए सुस्वागतम” पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं नैन्सी ने अपनी प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
समारोह में वक्ताओं ने नारी के विभिन्न रूपों और उनके महत्व पर प्रकाश डाला। सेवा भारती की अनु विमल ने महिला दिवस की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि साझा की। एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ रेनू जैन ने समाज सेवा में महिलाओं की निरंतर सक्रियता पर जोर दिया, वहीं वार्ष्णेय कॉलेज की उपाध्यक्ष प्रज्ञा वार्ष्णेय ने कहा कि हर दिन महिलाओं का है। बी.के. पूजा ने कविता के माध्यम से ब्रह्माकुमारियों द्वारा राजयोग के प्रचार-प्रसार की सराहना की। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता चौधरी ने नारी शक्ति को नमन करते हुए समाज के निर्माण में महिलाओं की अनिवार्य भूमिका को रेखांकित किया। केंद्र संचालिका बी.के. शांता बहन ने अपने आशीर्वचन में कहा कि परमात्मा शिव द्वारा सिखाए गए राजयोग, संस्कार और जीवन मूल्यों को अपनाकर ही समाज और राष्ट्र में ‘स्वर्णिम युग’ का आगमन होगा। उन्होंने उपस्थित मातृशक्ति को आत्म-शक्ति पहचानने का आह्वान किया। कार्यक्रम में एडवोकेट बीना गुप्ता, डॉ. गुलाटी, कल्पना बहन, नीलम वार्ष्णेय, अंजू, पूनम, चित्रा और दीप्ति सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल प्रबंधन बी.के. वंदना, बी.के. मोनिका और बी.के. अस्मिता ने किया।



































