
हाथरस 07 मार्च । कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की समीक्षा बैठक में सांसद अनूप प्रधान वाल्मीकि ने जनपद के विकास को नई गति देने के लिए स्पष्ट दिशानिर्देश जारी किए। सांसद ने बैठक के दौरान मौजूद विभागीय अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देशित किया कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों के माध्यम से आने वाली जन शिकायतों को महज फाइल का हिस्सा न माना जाए, बल्कि उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमानुसार त्वरित समाधान किया जाए।
विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर विशेष जोर देते हुए सांसद ने कहा कि मनरेगा के अंतर्गत कार्य चिह्नित करने से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों से विचार-विमर्श अनिवार्य है। विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विशेष रूप से जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के बाद क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की त्वरित मरम्मत और सड़कों के निर्माण में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, जिले के बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज और बस स्टैंड निर्माण हेतु भूमि संबंधी प्रकरणों के तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि इन जनोपयोगी परियोजनाओं को शीघ्र धरातल पर उतारा जा सके।
बैठक में कृषि और रोजगार के क्षेत्र में भी व्यापक मंथन हुआ। सांसद ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में आ रही त्रुटियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने और दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत विधानसभावार लाभार्थियों की सूची तैयार करने को कहा ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार मिल सके। आगरा-अलीगढ़ हाईवे के किनारे अवैध रूप से बसाई जा रही कॉलोनियों और मनमाने तरीके से हाईवे पर लिंक मार्ग जोड़े जाने के गंभीर मामले पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही, सड़क सुरक्षा के दृष्टिगत लोक निर्माण विभाग और वन विभाग को समन्वय बनाकर दुर्घटना की संभावना वाले पेड़ों को हटाने के लिए निर्देशित किया।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बैठक की कार्यवाही को संबोधित करते हुए कहा कि सांसद जी द्वारा दिए गए सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि वे शासन की प्राथमिकताओं और जनहित की योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करें। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सीमा उपाध्याय, सदर विधायिका श्रीमती अंजुला सिंह माहौर, विधायक वीरेंद्र सिंह राणा, विधायक प्रदीप कुमार सहित जिले के समस्त आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके समाधान की मांग रखी।






































