
हाथरस 07 मार्च । हाथरस में पिछले करीब एक महीने से आंदोलन की कमान संभाले राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया शुक्रवार देर रात अपने धरना स्थल से अचानक रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गए। कंचन नगर स्थित उनके आवास के बाहर चल रहे धरने से उनके गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमले में खलबली मच गई। सूचना पर आनन-फानन में पुलिस बल मौके पर पहुँचा, लेकिन धवरैया का कहीं सुराग नहीं मिला। पंकज धवरैया की माँ मंजू देवी ने प्राथमिक जानकारी देते हुए बताया कि शुक्रवार रात पंकज कुछ अज्ञात संतों के साथ कहीं चले गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे संत कौन थे और पंकज उनके साथ कहाँ और किस उद्देश्य से गए हैं। परिजनों की इस अनभिज्ञता ने मामले को और अधिक पेचीदा बना दिया है।
आपको बता दें कि धवरैया पिछले एक महीने से यूजीसी (UGC) बिल और एससी-एसटी एक्ट के विरोध में अपने घर के बाहर तंबू गाड़कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। पंकज धवरैया का यह आंदोलन शुरू से ही चर्चा के केंद्र में रहा है। हाल ही में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र के सामने प्रतीकात्मक ‘पिंडदान’ और ‘दाह संस्कार’ का आयोजन किया था, जिसे लेकर भाजपा समर्थकों में भारी रोष था। इसी मामले में इगलास अड्डा निवासी मिथुन चौधरी की तहरीर पर कोतवाली सदर में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि धरने के दौरान भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे सामाजिक और जातीय सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हुई।
विभिन्न जिलों में कुल 26 गंभीर मुकदमे दर्ज
लापता होने से ठीक पहले प्रशासन ने धवरैया पर चौतरफा शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। राजस्व विभाग की टीम ने हाल ही में हरि आई हॉस्पिटल परिसर में उनके द्वारा किए गए कथित अवैध कब्जे को ध्वस्त कर दिया। वहां उन्होंने टीन शेड डालकर पशु बांधने का स्थान बना लिया था। सीओ सिटी योगेंद्र कृष्ण नारायण ने बताया कि पंकज धवरैया के खिलाफ हाथरस, अलीगढ़ और सहारनपुर सहित विभिन्न जिलों में कुल 26 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। इसी आपराधिक इतिहास के आधार पर प्रशासन ने उनकी हिस्ट्रीशीट खोल दी है और लगातार निगरानी रखी जा रही थी।
सरकारी गनर और सुरक्षा प्राप्त करने के लिए धरना
आंदोलन के दौरान एक ऑडियो क्लिप भी तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें कथित तौर पर धवरैया को सरकारी गनर और सुरक्षा प्राप्त करने के लिए धरना देने की रणनीति बनाते सुना गया था। हालांकि, धवरैया ने इसे विरोधियों की साजिश बताते हुए कहा था कि यह आवाज एआई तकनीक का उपयोग कर फर्जी तरीके से तैयार की गई है। इस बीच, डासना के पीठाधीश्वर यति नरसिंहानंद गिरी ने भी हाथरस पहुंचकर उन्हें अपना समर्थन दिया था, जिससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया था।
यूजीसी के खिलाफ पोस्टर लेकर प्रदर्शन
फिलहाल धरना स्थल पर उनके समर्थक और कार्यकर्ता अभी भी डटे हुए हैं और यूजीसी के खिलाफ पोस्टर लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन और खुफिया विभाग (एलआईयू) इस बात की जांच कर रहा है कि धवरैया का गायब होना कहीं गिरफ्तारी से बचने की कोई रणनीति तो नहीं है। शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है।
पंकज धवरैय्या दिल्ली पहुँचे
संत आंनदस्वरुप ने दिल्ली से जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री राजयोगी आनंद गिरी महाराज एवं डीगमबरी अखाड़े के महामंडलेश्वर श्री राजेश्वर दास महाराज को संदेश देकर धरना स्थल भेजा। 8 मार्च को दिल्ली के रामलीला ग्राउंड में सवर्णों के नेतृत्व का आदेश एवं आहवान किया। संतों के आदेश पर जूस पीकर पंकज धवरैय्या ने 29 वें दिन सत्याग्रह को तोड़ रात्रि में संतों के साथ पुलिस के कड़े पहरे के बावजूद दिल्ली पहुँच गए।






































