
हाथरस 07 मार्च । उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में जनपद न्यायाधीश विनय कुमार के मार्गदर्शन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने हाथरस स्थित ‘वन स्टॉप सेंटर’ का औचक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य केंद्र पर महिलाओं और पीड़ितों को दी जा रही कानूनी, चिकित्सकीय और पुलिस सहायता की गुणवत्ता व कार्यप्रणाली का जायजा लेना था। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर तीन महिला पीड़ितों की उपस्थिति दर्ज पाई गई, जिनमें से एक परीक्षण के लिए गई हुई थी। सचिव अनु चौधरी ने उपस्थित पीड़ितों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने केंद्र की संचालिका मनीषा भारद्वाज और फारिया नौशी सहित वहां मौजूद स्टाफ को कड़े निर्देश दिए कि पीड़ितों के प्रति पूरी संवेदनशीलता बरती जाए और उनकी समस्याओं का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए ताकि उन्हें समय पर न्याय मिल सके।
कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और सहयोग पर जोर
सचिव ने केंद्र पर उपलब्ध सुविधाओं और साफ-सफाई की स्थिति का अवलोकन किया। उन्होंने अवगत कराया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से केंद्र पर एक ‘पैरा लीगल वॉलंटियर’ (PLV) की तैनाती की जाती है, जो आने वाले पीड़ितों को विधिक जागरूकता और सहायता प्रदान करता है। सचिव ने संचालिका को निर्देशित किया कि केंद्र पर आने वाली प्रत्येक महिला पीड़ित की सूचना जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके मामलों को ‘प्री-लिटिगेशन’ (मुकदमे से पूर्व) स्तर पर दर्ज कर त्वरित कार्यवाही की जा सके। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समय-समय पर इस प्रकार के निरीक्षण करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वन स्टॉप सेंटर जैसी महत्वपूर्ण संस्थाएं अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और कार्यकुशलता के साथ कर रही हैं। यह निरीक्षण पीड़ितों को सशक्त बनाने और प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।





































