
सिकंदराराऊ (हसायन) 06 मार्च । गांव वीरनगर में नायक समाज के लिए आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक सुधार का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ‘मेरा भारत नशा मुक्त भारत’ अभियान के तहत ग्रामीणों को व्यसनमुक्ति की शपथ दिलाई गई और राजयोग के माध्यम से जीवन परिवर्तन का मार्ग दिखाया गया।
ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत
सहज राजयोग प्रशिक्षण केंद्र की संचालिका बी.के. शांता बहन और अन्य ब्रह्माकुमारी बहनों के गांव आगमन पर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित एक भव्य प्रभातफेरी में युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। नन्हे बच्चे निराकार ज्योतिस्वरूप परमात्मा शिव की प्रतिमा (शिवलिंग) को शीश पर धारण कर जन-जागरण के नारे लगाते हुए निकले, जिससे पूरा गांव भक्तिमय हो उठा।
नारी शक्ति और आत्म-दर्शन पर बल
मुख्य वक्ता बी.के. शांता बहन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में अन्याय और अत्याचार के विरुद्ध आंतरिक शक्ति की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा, “परमात्मा शिव माताओं और बहनों को ‘शिवशक्ति’ बनाते हैं, अबला नहीं।” वहीं, बी.के. उमा बहन ने राजयोग चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से आत्म-दर्शन और परमात्म-दर्शन की सूक्ष्म व्याख्या की।
व्यसनमुक्ति का संकल्प और सांस्कृतिक प्रस्तुति
अभियान के अंतर्गत बी.के. सृष्टि बहन ने उपस्थित सैकड़ों जिज्ञासुओं को नशे से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में बालिका वंदना द्वारा प्रस्तुत होली स्वागत नृत्य ने सभी का मन मोह लिया। मंचासीन अतिथियों का स्वागत पारंपरिक रूप से पगड़ी और पीतवस्त्र पहनाकर किया गया। इस अवसर पर भरतपुर से आए महेश, मुनेश, मालती, रामवीर, हिम्मत सहित गांव के गणमान्य व्यक्ति सरोज देवी, लज्जा देवी, रोशन सिंह, नरेंद्र, शैलेंद्र, राजेंद्र, केशवदेव, भीमसेन और गजेंद्र सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।






































