
सिकंदराराऊ (हसायन) 06 मार्च । कस्बा में रंगोत्सव के पावन पर्व पर ब्रज की गौरवशाली परंपरा ‘हुरंगा’ का भव्य आयोजन किया गया। प्राचीन श्री बलभद्र दाऊ बाबा एवं रेवती मैया के मंदिर से निकले इस हुरंगे में भक्ति, शक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन से पूर्व मोहल्ला किशन स्थित मंदिर में दाऊजी महाराज और रेवती मैया का मनमोहक श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शनों के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
डीजे की धुन और गुलाल के बीच थिरके हुरियारे
हुरंगे का शुभारंभ मंदिर परिसर से हुआ, जहाँ हुरियारों ने अबीर-गुलाल और फूलों की वर्षा के बीच डीजे की धुन पर जमकर नृत्य किया। ब्रज के लोकगीतों और फिल्मी होली गीतों पर थिरकते हुरियारों के उत्साह ने पूरे कस्बे को होली के रंग में सराबोर कर दिया। जैसे-जैसे हुरंगा आगे बढ़ा, आकाश में उड़ते रंगों ने उत्सव की छटा को और भी मनोरम बना दिया।
इन मार्गों से गुजरा कारवां
यह पारंपरिक हुरंगा मोहल्ला शीशगरान, कछियांन कलां, दखल, और जाटवान से होता हुआ दीनदयाल उपाध्याय चौराहे पहुँचा। इसके बाद कस्बे के मुख्य बाजार और पथवारी माता मंदिर से गुजरते हुए वापस दाऊजी मंदिर पर जाकर संपन्न हुआ। रास्ते भर स्थानीय निवासियों ने पुष्प वर्षा कर हुरियारों का स्वागत किया।
कपड़ा फाड़ होली ने खींचा सबका ध्यान
हुरंगे के दौरान ब्रज की प्रसिद्ध ‘कपड़ा फाड़ होली’ का दृश्य भी देखने को मिला, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा। हुरियारों की टोलियों ने एक-दूसरे के साथ हंसी-ठिठोली करते हुए इस प्राचीन परंपरा का निर्वहन किया। पूरे कस्बे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे और उत्सव पूर्णतः शांतिपूर्ण व उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।






































