
हाथरस 06 मार्च । श्री रामेश्वर दास अग्रवाल कन्या महाविद्यालय में दिसंबर माह में आयोजित दो-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, ‘भारत में उच्च शिक्षा और कौशल विकास: रोजगार के अवसर और चुनौतियां’ के दौरान प्रस्तुत शोध-पत्रों को एक नवीन स्वरूप प्राप्त हुआ है। महाविद्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामयी कार्यक्रम में इस सम्मेलन के शोध-संग्रह (जर्नल पेपर) का विधिवत विमोचन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुषमा यादव ने कहा कि यह शोध-संग्रह केवल पन्नों का संकलन नहीं, बल्कि वैश्विक ज्ञान के आदान-प्रदान का एक दस्तावेजीकरण है। उन्होंने कहा, “सम्मेलन की सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब मंथन से निकले निष्कर्ष समाज और अकादमिक जगत के लिए लिखित रूप में उपलब्ध हों।”
भविष्य के शोधार्थियों के लिए मार्गदर्शक
सम्मेलन की संयोजक श्रीमती अनामिका सिंह एवं सह-संयोजक डॉ. बरखा भारद्वाज ने जानकारी दी कि इस जर्नल पेपर में अंतर्राष्ट्रीय शोध मानकों का कड़ाई से पालन किया गया है। इसमें देश-विदेश के प्रबुद्ध जनों के उन विचारों को पिरोया गया है, जो आने वाले समय में शोधार्थियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होंगे।
नेतृत्व की प्रेरणा
आयोजन सचिव डॉ. ललितेश तिवारी एवं सह-सचिव डॉ. अमित भार्गव ने बताया कि यह प्रकाशन महाविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस सफलता का श्रेय अध्यक्ष पदम नारायण अग्रवाल एवं सचिव प्रदीप गोयल के कुशल मार्गदर्शन को जाता है, जिनकी दूरदृष्टि से ही यह आयोजन और प्रकाशन संभव हो सका। विमोचन कार्यक्रम में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्य उपस्थित रहे। यह शोध-संग्रह अब अकादमिक जगत के लिए उपलब्ध है, जो उच्च शिक्षा की चुनौतियों और उनके समाधानों पर एक नई दृष्टि प्रदान करेगा।






































