
छात्रा के चीखने पर चालक ने तुरंत ट्रैक्टर रोका, लेकिन तब तक मासूम बुरी तरह फंस चुकी थी। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और परिजन मौके पर दौड़े। करीब 10 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने बालिका को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मासूम की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। मृतक दीक्षा गांव के ही संविलियन विद्यालय में कक्षा तीन की छात्रा थी। वह तीन बहनों और दो भाइयों में मंझली थी। पिता सुरेश कुमार पेशे से किसान हैं और इसी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। बेटी की इस तरह अचानक हुई मौत से माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना पर डायल 112, सलेमपुर चौकी पुलिस और हसायन कोतवाली प्रभारी गिरीश चंद्र गौतम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को पोस्टमार्टम के लिए हाथरस भेजा। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि बालिका ट्रैक्टर पर बैठी थी और असंतुलन बिगड़ने से हादसा हुआ है। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, तहरीर मिलने पर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।






































