
हाथरस 05 मार्च । राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेशानुसार एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष विनय कुमार के निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा ‘मातृ छाया साधना केन्द्र’ गुरुकुल में एक दिवसीय विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की मुख्य अतिथि एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने केंद्र का निरीक्षण कर वहां दी जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। बच्चों को संबोधित करते हुए सचिव अनु चौधरी ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए। उन्होंने ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम’ पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा पाने का संवैधानिक अधिकार है और सभी को अपनी पढ़ाई पर विशेष ध्यान केंद्रित करना चाहिए। शिविर के दौरान बच्चों को पोक्सो अधिनियम (POCSO Act), किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board), बाल श्रम निषेध और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता एवं सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया गया। मातृ छाया केंद्र के संस्थापक व उपाध्यक्ष ने बच्चों को भविष्य निर्माण हेतु शिक्षा की महत्ता समझाई। किशन अग्रवाल (व्यवस्थापक) ने शिविर में इनके द्वारा व्यक्त किए गए विचारों की सभी ने सराहना की। साहब सिंह (पैरालीगल वॉलेंटियर) ने बच्चों को व्यवहारिक विधिक जानकारी प्रदान की। कल्याण सिंह (व्यवस्थापक) ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। इस अवसर पर संस्था के अन्य पदाधिकारी और केंद्र के बच्चे बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।






































