
हाथरस 27 फरवरी । चंदपा क्षेत्र के गांव महमदपुर ब्राह्मण में पिछले आठ महीनों से मुख्य मार्ग पर हो रहे जलभराव की समस्या शुक्रवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब प्रशासन की टीम नाली खुलवाने पहुंची। नाली खुदाई शुरू होते ही खेरिया जोध की महिलाओं ने अधिकारियों को घेर लिया और काम रुकवा दिया। सूचना पर एसडीएम सदर और सीओ सादाबाद ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। तहसीलदार लक्ष्मी नारायण, लेखपाल और आरआई के साथ जैसे ही जेसीबी लेकर नाली खुलवाने पहुंचे, खेरिया जोध की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं का तर्क था कि महमदपुर गांव का पानी खेरिया जोध की पोखर (तालाब) में जाने से जलस्तर बढ़ जाएगा, जिससे आसपास के किसानों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। हंगामे की सूचना पर एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह, सीओ सादाबाद अमित पाठक, चंदपा पुलिस और महिला थाने की फोर्स मौके पर बुलाई गई।
एसडीएम सदर ने महिलाओं को समझाते हुए बताया कि मुख्य मार्ग पर गंदा पानी जमा होने के कारण राहगीर और स्कूली बच्चे आए दिन कीचड़ में गिरकर घायल हो रहे हैं। गंदे पानी की वजह से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नाली केवल जल निकासी का एक अस्थाई समाधान है ताकि मार्ग को साफ किया जा सके। एसडीएम ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि प्रशासन जल्द ही दूसरी पोखर के लिए एक पक्की नाली का निर्माण कराएगा। जब तक पक्की नाली नहीं बन जाती, तब तक के लिए मुख्य मार्ग से पानी निकालना अनिवार्य है। एसडीएम के आश्वासन के बाद महिलाएं शांत हुईं और प्रशासन ने नाली खुदाई का कार्य पुनः शुरू कराया। अधिकारियों ने दावा किया है कि बहुत जल्द पक्की नाली का निर्माण कराकर गांव की पानी निकासी की समस्या का स्थाई समाधान कर दिया जाएगा।















