
हाथरस 26 फरवरी । सिकंदराराऊ क्षेत्र के फुलरई मुगलगढ़ी गांव में 2 जुलाई 2024 को हुए दर्दनाक भगदड़ कांड में गुरुवार को स्थानीय न्यायालय में सुनवाई हुई। इस दौरान प्रत्यक्षदर्शी और घटना के समय ड्यूटी पर तैनात महिला उप निरीक्षक (SI) सुषमा देवी की गवाही दर्ज की गई। सुषमा देवी ने अदालत के सामने उस खौफनाक मंजर का विवरण दिया, जिसने 121 श्रद्धालुओं की जान ले ली थी।
भीड़ के रेले में हाईवे पार जा गिरीं दरोगा
वर्तमान में शाहजहांपुर के महिला थाने में तैनात एसआई सुषमा देवी ने बताया कि घटना के समय उनकी ड्यूटी मंच के समीप लगी थी। उन्होंने गवाही में कहा कि सत्संग समापन के बाद लोग मंच के सामने बनी रंगोली से ‘धूल और फूल’ उठाने के लिए टूटे पड़े थे। मना करने के बावजूद भीड़ बेकाबू हो गई। सुषमा देवी ने बताया कि वह खुद भीड़ के दबाव में फंस गईं और भगदड़ के रेले के साथ हाईवे के दूसरी ओर जा गिरीं।
गड्ढे में दबकर हो गई थीं बेहोश
महिला दरोगा ने अदालत को बताया कि वह एक गहरे गड्ढे में गिर गई थीं और उनके ऊपर कई अन्य लोग गिर गए, जिससे वह दब गईं। गंभीर चोटें आने के कारण वह मौके पर ही बेहोश हो गई थीं। होश आने पर उन्हें एक टेंपो के जरिए उनके आवास भेजा गया, जहाँ से परिजनों ने उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया।
5 मार्च को होगी जिरह
आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मुन्ना सिंह पुंडीर ने बताया कि होली के कार्यक्रमों के चलते गुरुवार को महिला दरोगा से जिरह (Cross-examination) पूरी नहीं हो सकी। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 मार्च 2026 की तिथि निर्धारित की है।
सभी 11 आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
गौरतलब है कि पुलिस ने इस मामले में मुख्य सेवादार देव प्रकाश मधुकर सहित कुल 11 आरोपियों के खिलाफ लगभग 3200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले में 676 गवाहों को शामिल किया गया है। वर्तमान में देव प्रकाश मधुकर, मेघ सिंह, मुकेश कुमार, मंजू देवी सहित सभी 11 आरोपियों पर आरोप तय हो चुके हैं और वे सभी जमानत पर बाहर हैं।















