
हाथरस 26 फरवरी । एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक ह्यूमन राइट्स (ADHR) के तत्वावधान में प्रेम रघु मेडिकल कॉलेज के परिसर में ‘होली महोत्सव एवं भव्य कवि सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गीतकार और यश भारती पुरस्कार से सम्मानित डॉ. विष्णु सक्सेना ने अपनी जादुई आवाज और कालजयी गीतों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन का आगाज डॉ. विष्णु सक्सेना, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेम सिंह कुशवाहा, अपर पुलिस अधीक्षक रामानंद कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता देवेंद्र गोयल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल और अन्य पदाधिकारियों द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
विष्णु सक्सेना की मधुर तान
मशहूर गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना ने “तू जो ख्वाबों में भी आ जाए तो मेला कर दे” और “सच बात तुझको दिल की बताऊं मेरी लाडो” जैसे गीतों से माहौल को भावुक और प्रेममयी बना दिया। उनके मुक्तक— “सही वो यार है जो मुंह पर बोलता देता है, है वो खतरनाक जो मिश्री सी घोल देता है” पर श्रोताओं ने खड़े होकर तालियां बजाईं।
ओज और गीतों का संगम
विख्यात ओज कवि राणा मुनि प्रताप ने अपनी ओजस्वी वाणी से युवाओं में जोश भर दिया। उन्होंने “षड्यंत्री सम्मोहन से आजाद रहो तो अच्छा है” पंक्तियों के माध्यम से संकल्प की शक्ति का संदेश दिया। वहीं, गीतकार डॉ. नितिन मिश्रा ने मंच का कुशल संचालन करते हुए अपनी रचनाओं से प्रेम की मिठास घोली।
सांस्कृतिक झंडा बुलंद
राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वार्ष्णेय ने कहा कि यह जनपद का सौभाग्य है कि डॉ. विष्णु सक्सेना जैसी विभूति विश्व पटल पर हाथरस का नाम रोशन कर रही है। कार्यक्रम में आईपीएस आदित्य वर्मा सहित जनपद के तमाम गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। जिलाध्यक्ष कमलकांत दोबरावाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
सम्मेलन में महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष सोनल अग्रवाल, डॉ. पी.पी. सिंह, शैलेंद्र सांवलिया, अनिल अग्रवाल, बाल प्रकाश वार्ष्णेय, कविता गोयल, वीरेंद्र सिंह कुशवाहा, अमित गर्ग, रवि गुप्ता, उपवेश कौशिक, सौरभ सिंघल, राजेश वार्ष्णेय, दीपेश अग्रवाल, दिलीप वार्ष्णेय पेंट, हर्ष मित्तल, जितिन तरैटिया, अमन बंसल, पीसी छाबड़ा, राजकुमार अग्रवाल ,दिलीप वार्ष्णेय अलका, संजीव वार्ष्णेय, राम वार्ष्णेय, शैलेश अग्रवाल, आयुष अग्रवाल, भानु अग्रवाल, मुरारी चौधरी, कौशल किशोर गुप्ता, भानु प्रकाश वार्ष्णेय, राकेश अग्रवाल,मनोज वार्ष्णेय, रितिक वार्ष्णेय, रितिक बंसल,उद्धव कृष्ण शर्मा, अमित बंसल,संदीप वार्ष्णेय, हरीश आंधीवाल,मनोज वर्मा, नीरज माहेश्वरी, यतेंद्र यादव,डा.वरूण गुप्ता, कुशाग्र जोशी, आशीष रस्तोगी सहित ADHR परिवार के सैकड़ों सदस्य और साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।















