सादाबाद 25 फरवरी । कस्बे के क्लीनिक संचालक पर उपचार में लापरवाही बरतने के चलते पुलिसकर्मी की मौत के मामले ने खूब तूल पकड़ा था। अब इस मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में चिकित्सक की ओर से न्यायालय की मदद से उत्पीड़न, रंगदारी मांगने के मामले में करीब चार दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस मामले की तहकीकात करने में जुट गई है।
कस्बे के रोडवेज बस स्टैंड स्थित एक क्लीनिक संचालक ने मरीज की मौत के बाद रंगदारी मांगने और उत्पीड़न करने के आरोप में आठ नामजद व 35-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस की अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डॉ. विनय उपाध्याय ने आरोप लगाया कि 20 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ पुलिस में तैनात कांस्टेबल महाराज सिंह उनके क्लीनिक पर इलाज के लिए आए थे। जांच में प्लेटलेट कम पाए गए, उपचार के बाद सुधार हुआ, लेकिन बुखार न उतरने पर आगरा में विशेषज्ञ को दिखाने की सलाह दी गई। बाद में आगरा के अस्पताल में 24 नवंबर को मरीज की मृत्यु हो गई। डॉक्टर का आरोप है कि 26-27 नवंबर को कुछ लोग क्लीनिक पर पहुंचे और 10 लाख रुपए की मांग करते हुए धमकी दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर उन्हें फर्जी डॉक्टर बताकर पोस्ट डाली गईं और 29 नवंबर को क्लीनिक के बाहर धरना-प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि घटनाक्रम से उनकी पत्नी की तबीयत बिगड़ गई और 9 दिसंबर 2025 को दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। डॉक्टर ने पत्नी की मौत के लिए भी आरोपियों के उत्पीड़न को जिम्मेदार ठहराया है। प्रार्थना पत्र में चंद्रप्रकाश, महीपाल, पुष्पेंद्र सिंह, सचिन दीक्षित, नफीस, पिंकू मधुर, ईशान चौधरी समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है













