
हाथरस 24 फरवरी । जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण अधिनियम) के अंतर्गत गठित जनपद स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक की। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा की मौजूदगी में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर विलंब न किया जाए।
लंबित आवेदनों के तत्काल सत्यापन के निर्देश
जिलाधिकारी ने बैठक में लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राथमिकता के आधार पर सत्यापन कार्य पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि छेड़छाड़, लज्जाभंग, मारपीट और गाली-गलौज जैसे मामलों में जहां रिपोर्ट पूर्ण है, वहां शासनादेश के अनुरूप मुआवजा प्रक्रिया शुरू की जाए।
हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर मामलों पर सख्त रुख
बैठक के दौरान हत्या और बलात्कार/दुष्कर्म जैसे गंभीर प्रकरणों पर विस्तार से चर्चा हुई। कुछ मामलों में पूर्ण रिपोर्ट उपलब्ध न होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट पुनः समिति के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जांचोपरांत नियमानुसार कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
भुगतान में तेजी लाने के निर्देश
जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जो प्रकरण समिति द्वारा स्वीकृत कर दिए गए हैं, उन पर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करते हुए पीड़ितों के बैंक खातों में मुआवजे की राशि का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए।
ये रहे उपस्थित
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी (CDO), अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), समस्त उप जिलाधिकारी (SDM) और समस्त क्षेत्राधिकारी (CO) पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।












