
हाथरस 24 फरवरी । जिलाधिकारी अतुल वत्स ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में ‘माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण अधिनियम’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण बैठक की। पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा की उपस्थिति में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन और त्वरित सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई कड़े एवं जनहितकारी निर्देश जारी किए।
बैंकों और अस्पतालों में नहीं लगनी होगी लंबी लाइनें
जिलाधिकारी ने एलडीएम (LDM) को निर्देशित किया कि जनपद की सभी बैंक शाखाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अनिवार्य रूप से अलग काउंटर की व्यवस्था की जाए। इसी प्रकार अस्पतालों में भी बुजुर्गों को प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि उन्हें लंबी कतारों से मुक्ति मिल सके।
थाना स्तर पर होगी विशेष निगरानी
बुजुर्गों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को थाना स्तर पर ‘वरिष्ठ नागरिक पंजिका’ तैयार करने के निर्देश दिए। इस पंजिका के माध्यम से अकेले रह रहे या असहाय बुजुर्गों की नियमित निगरानी और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
वृद्धाश्रमों का होगा नियमित निरीक्षण
जिला समाज कल्याण अधिकारी और सभी एसडीएम (SDM) को वृद्धाश्रमों का नियमित निरीक्षण करने को कहा गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आश्रमों में संवासियों को दिए जाने वाले भोजन और वस्त्र की गुणवत्ता में कोई समझौता नहीं होना चाहिए। साथ ही, सभी पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना से शत-प्रतिशत लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
लंबित प्रकरणों पर सख्त रुख
तहसील स्तर पर भरण-पोषण से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों की शिकायतों का निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) सहित समस्त एसडीएम और पुलिस क्षेत्राधिकारी मौजूद रहे।















