सिकंदराराऊ (पुरदिलनगर) 24 फरवरी । सरस्वती विद्या मन्दिर, पुरदिलनगर का वार्षिक समारोह मंगलवार को अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और ‘माँ सरस्वती शारदे’ वंदना के साथ हुआ। नन्हे-मुन्ने भैया-बहिनों ने ‘आयो रे आयो’ स्वागत गान से अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन किया। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित क्षेत्रीय विधायक वीरेन्द्र सिंह राणा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शिशु मंदिर संस्कारयुक्त शिक्षा और अनुशासन के केंद्र हैं। प्रदेश निरीक्षक देवेंद्र कुमार यादव ने विद्या भारती के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला, जबकि मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक गोविन्द जी ने भारतीय संस्कृति और चरित्र निर्माण में ‘पंच परिवर्तन’ के महत्व को समझाया। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाहा ने विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों की सराहना की।
विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘देवा श्री गणेशा’ और ‘कीजो केसरी के लाल’ जैसे नृत्यों ने वातावरण को भक्तिमय कर दिया, वहीं वीर रस की कविताओं ने राष्ट्रभक्ति का संचार किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘नशा मुक्ति’ पर आधारित नुक्कड़ नाटक रहा, जिसने समाज को एक सशक्त संदेश दिया। इसके अलावा योग प्रदर्शन, आकर्षक पिरामिड निर्माण और होली नृत्य ने भी खूब तालियां बटोरीं। अध्यक्षीय संबोधन में गौरीशंकर एडवोकेट ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में चेयरमैन हर्षकांत कुशवाहा, संभाग निरीक्षक रमाकांत, जिला मंत्री राजवीर सिंह, बंटी आर्य सहित विद्यालय के प्रधानाचार्य हरीशंकर सारस्वत और योगेंद्र सिंह मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गान से हुआ। इस अवसर पर आनंद कुमार गोला, चोब सिंह वर्मा, राजेश कुमार चैचाणी, विनीत जाखेटिया सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।















