Hamara Hathras

Latest News

सिकंदराराऊ (हसायन) 23 फरवरी । विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बनवारीपुर स्थित श्री बांके बिहारी जी महाराज के 24वें प्राकट्योत्सव वार्षिकोत्सव के अंतर्गत आयोजित नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के पांचवें दिन सोमवार को भक्ति की अविरल धारा बही। वृंदावन के सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय रासाचार्य फतेह कृष्ण शर्मा के बृज रास मंडल के कलाकारों ने ‘नरसी भक्त की भात लीला’ का अत्यंत मनोहारी और भावपूर्ण मंचन किया। रासलीला के मंचन में दिखाया गया कि किस प्रकार जूनागढ़ निवासी भगवान श्रीकृष्ण के परम भक्त नरसी जी अपनी भाभी के तानों से दुखी होकर वन में चले जाते हैं। वहां उनकी करुण पुकार सुनकर भगवान शिव प्रकट होते हैं और उन्हें वृंदावन ले जाकर राधा-कृष्ण के साक्षात दर्शन कराते हैं। कलाकारों ने दिखाया कि इसके बाद नरसी जी हाथ में करताल और पैरों में घुंघरू बांधकर पूर्णतः कृष्ण भक्ति में लीन हो गए। लीला का सबसे भावुक क्षण वह था जब नरसी जी की पुत्री रामा की बेटी के विवाह में भात भरने की बारी आई। अपने गरीब भक्त की लाज बचाने के लिए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने ‘सामल सेठ’ और माता रुक्मणी ने सेठानी का रूप धारण किया। कुबेर के भंडार से न केवल रामा के ससुराल पक्ष, बल्कि पूरे गांव के लोगों को बहुमूल्य उपहार और स्वर्ण मुद्राएं (हुंडी) देकर भात भरा। इस दृश्य को देख पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा वातावरण ‘जय श्री कृष्णा’ के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के अंत में आयोजक मंडल द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मणी के स्वरूपों की आरती उतारी गई। इसके बाद उपस्थित सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। रासलीला के दौरान सजी सजीव झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं, जिन्हें देख श्रोता भक्ति रस में डूबे नजर आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page