
हाथरस 23 फरवरी । जिलाधिकारी अतुल वत्स ने कलेक्ट्रेट सभागार में ₹50 लाख से अधिक लागत की पूर्ण और अपूर्ण परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कार्य की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, तो कार्यदायी संस्था के बिलों से विलम्ब शुल्क काटा जाएगा और संबंधित संस्था के विरुद्ध शासन को पत्र भेजा जाएगा।
हस्तांतरण से पूर्व होगा कार्यों का मिलान
जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि परियोजना पूर्ण होने के बाद उसे हैंडओवर लेने से पूर्व प्रस्तावित कार्ययोजना से कार्यों का मिलान अवश्य कर लें। इससे भविष्य में संचालन के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सकेगा। जो परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, उन्हें तत्काल संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए।
प्रमुख निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा
बैठक में जनपद की महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई, जिनमें मुख्य रूप से जिला चिकित्सालय में 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक, नवीन जिला कारागार भवन, मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय (बर्दवारी) और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (हसायन) में एकेडमिक ब्लॉक का निर्माण। तालाब चौराहा स्थित तालाब का सौंदर्यीकरण, जलेसर रोड पर व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और कान्हा गौशाला का निर्माण। पुरदिलनगर, सादाबाद, सिकंदराराऊ और हाथरस आवास विकास के लिए 24×7 वाटर सप्लाई स्कीम। कंचना सरोवर (मुरसान), श्री दाऊजी महाराज मंदिर (एदलपुर), उदयसिंह की कचहरी (सासनी), हनुमान गढ़ी (गंगागढ़ी), काली माई मंदिर (थौरपुर) और प्राचीन सिद्धपीठ परासर तपोभूमि (खिटीली) का पर्यटन विकास कार्य।
बजट और समस्या समाधान पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं में बजट की कमी है, उनके लिए शासन को तत्काल पत्राचार कर धनराशि की मांग की जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं से कहा कि यदि निर्माण में कोई व्यावहारिक समस्या आ रही है, तो उसे तुरंत अवगत कराएं ताकि समय रहते समाधान हो सके, लेकिन लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।
13 संस्थाएं और 32 बड़ी योजनाएं
जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने अवगत कराया कि वर्तमान में जनपद में 13 कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से लगभग 32 बड़ी परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO), मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), जिला सूचना अधिकारी, डीएसटीओ (DSTO), और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।











